उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) नेताओं को साइकिल रैली निकाला भारी पड़ गया. पुलिस ने बिना प्रशासन की अनुमति के रैली निकालने के आरोप में 200 सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है. प्रशासन ने रैली निकालने की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी सपा नेताओं ने रैली निकाली थी.
दरअसल गुरुवार को हर तहसील में सपा के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साइकिल रैली निकाली थी. सपा के दिवंगत नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर साइकिल रैली निकालकर सपा नेता, बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे. फिरोजाबाद सदर विधानसभा में पूर्व सांसद अक्षय यादव के नेतृत्व में रैली निकाली गई थी.
वहीं शिकोहाबाद में एमएलसी दिलीप यादव ने रैली का नेतृत्व किया. सैकड़ों की संख्या में जुटे सपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लिया है. साइकिल रैली में सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए थे. शिकोहाबाद में पुलिस ने साइकिल रैली को रोकने की भी कोशिश की थी क्योंकि साइकिल रैली की निकालने की अनुमति प्रशासन ने नहीं दी थी.
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200 सपा नेताओं के खिलाफ केस
समाजवादी पार्टी के नेताओं की साइकिल रैली निकलने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डीपी यादव सहित 200 सपा के स्थानीय नेताओं के खिलाफ पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीं 150 अज्ञात के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ है.
कोविड नियमों के उल्लंघन का आरोप
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ला का कहना है कि साइकिल रैली की अनुमति नहीं ली गई थी. धारा 144 पहले से ही लगी थी, इसलिए रैली को धारा 144 का उल्लंघन माना गया और कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन मामले में भी केस दर्ज किया गया है.
किसी से डरेंगे नहीं सपा कार्यकर्ता
मुकदमा दर्ज होने के बारे में समाजवादी पार्टी के एमएलसी डॉक्टर दिलीप यादव का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी हर तरह से नाकाम से हुई है. लोगों को जागरूक करने के लिए जब हमने साइकिल निकाली तो मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है. लोकतंत्र में अपनी बात कहने का सबको हक है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसी से डरने वाले नहीं हैं.