उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर योगी सरकार में राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने एक बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि लखीमपुर में हुई हिंसा कोई प्रीप्लान्ड नहीं थी, बल्कि ये एक इत्तेफाकन हादसा था. राज्य मंत्री औलख ने कहा, 'ये एक बहुत बड़ी दुखदाई घटना है. ये इत्तेफाकन एक बहुत बड़ा हादसा हुआ है. बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है और ऐसी घटनाएं नहीं होना चाहिए.'
उन्होंने कहा, 'मैं ये कहूंगा कि ये एक इत्तेफाकन हादसा था. ये प्रीप्लान नहीं था. किसान यूनियन वालों ने हेलीपैड पर अपना प्रदर्शन किया. हमारे डिप्टी सीएम ने अपना रूट चेंज करके अपना कार्यक्रम किया. ये तो आखिर में एक हादसा हुआ है. कैसे हुआ? क्या हुआ है? समझ में नहीं आ रहा है. बाकी इसकी पूरी जांच चल रही है. इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी. इसमें चाहे कोई मंत्री हो या मंत्री का बेटा हो या कोई बड़ा आदमी हो जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा सरकार उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी.'
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इस हिंसा के बाद बीजेपी सरकार को विरोधी घेर रहे हैं. औलख कहीं न कहीं डैमेज कंट्रोल करते भी नजर आए. उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'जैसे ही ये घटना हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना गोरखपुर का दौरा छोड़कर सीधे लखनऊ आ गए. पूरी रात निगरानी करते रहे कि माहौल किस तरह से ठीक हो सकता है. किस तरह से घायलों का इलाज हो सकता है. किस तरह से उनकी मदद हो सकती है. ये सारी चिंता अफसरों के साथ पूरी रात बैठ कर उन्होंने की.'
उन्होंने कहा, 'मैं आपको कहना चाहता हूं हरियाणा में भी घटना हुई है, पंजाब में भी घटना हुई है. कभी किसी ने इतना बड़ा फैसला तुरंत नहीं लिया. ये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं जिन्होंने तुरंत 45-45 लाख रुपये मृतकों के खाते में भेजे. परिवार के एक आदमी को नौकरी देने का काम किया. इस घटना की उच्चस्तरीय अधिकारियों से जांच कराने का आदेश दिया.'
औलख ने तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजेंदर सिंह विर्क को समाजवादी पार्टी का आदमी बताया. उन्होंने कहा कि ये समय बयानबाजी करने का नहीं है, बल्कि ये सोचने का है कि ऐसी घटना आगे नहीं होना चाहिए.