यूपी सरकार ने आईटी कंपनी एचसीएल को सोमवार को आईटी सिटी के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (आशय पत्र) जारी कर दिया. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और एचसीएल के चेयरमैन शिव नाडर की मौजूदगी में कंपनी के अधिकारी डी.के. श्रीवास्तव को विशेष सचिव आईटी जी.एस. नवीन कुमार ने यह पत्र सौंपा. इस प्रोजेक्ट से 25 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और 50-60 हजार लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ में आईटी सिटी बनने से लखनऊ की एक अलग पहचान बनेगी. एचसीएल के चेयरमैन शिवनाडर ने बताया कि एचसीएल 10 साल में आईटी सिटी में 1500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी.
शुरुआती तीन साल में कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड, सीवरेज, ड्रेनेज सिस्टम डिवेलप करेगी. तीसरे साल से कंपनी करीब एक हजार लोगों को ट्रेनिंग देगी. इसके बाद हर साल पांच हजार लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी. आईटी सिटी में बनने वाले स्किल डिवेलपमेंट सेंटर में प्रदेश के युवाओं को सरकार रियायतें भी देगी. इसके तहत सेंटर में ट्रेनिंग लेने वाले प्रदेश के लोगों को हर महीने पांच हजार रुपये की छूट या फिर कुल ट्रेनिंग फीस की आधी फीस में छूट मिलेगी.
विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी सिटी योजना के धरातल पर उतरने से युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना होगा. लखनऊ में सुल्तानपुर रोड पर चकगजरिया फार्म के 100 एकड़ में बनने वाली सिटी के 60 प्रतिशत हिस्से में आईटी और आइटीईएस इंडस्ट्री होगा. 40 प्रतिशत हिस्से पर सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे प्रोजेक्ट्स होंगे. ये देश की पहली आईटी सिटी होगी जिसमें स्किल डिवेलपमेंट सेंटर होगा.