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शराब से यूपी सरकार ने की जबरदस्त कमाई, हासिल किया 36 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व

वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) ने शराब की दुकानों पर लगे लाइसेंस शुल्क और आबकारी कर से कुल 36,208 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है. इस बार 20.45 फीसदी राजस्व बढ़ा है.

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शराब से यूपी सरकार ने की जबरदस्त कमाई, हासिल किया 36 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व. (Representative image)
शराब से यूपी सरकार ने की जबरदस्त कमाई, हासिल किया 36 हजार करोड़ से अधिक का राजस्व. (Representative image)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आबकारी विभाग ने की रिकॉर्ड कमाई, 20.45 फीसदी बढ़ा राजस्व
  • कोरोना और नाइट कर्फ्यू के बावजूद आया उछाल

देशभर में लगातार 3 कोरोना की लहरों और नाइट कर्फ्यू के बावजूद उत्तर प्रदेश (UP Government) के आबकारी विभाग ने जबरदस्त राजस्व हासिल किया है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (UP Government) की शराब से जबरदस्त कमाई हो रही है. वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान प्रदेश सरकार को शराब से हासिल राजस्व में 20.45 फीसदी की उछाल आया है.

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इस बार शराब से कुल कितनी हुई कमाई?

आबकारी विभाग के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने शराब की दुकानों पर लगे लाइसेंस शुल्क और आबकारी कर से कुल 36,208.44 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया है. यूपी में पिछले साल की अपेक्षा इस बार राज्य में शराब से हासिल राजस्व 30,061.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 36,208.44 करोड़ रुपये हो चुका है. इसका मतलब यह है कि शराब की हर दुकान से राज्य सरकार सालाना करोड़ों रुपये का राजस्व हासिल कर रही है.

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उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग ने आजतक-इंडिया टुडे को सूचना के अधिकार RTI के तहत आवेदन पर यह बताया था कि योगी सरकार के पहले शासन के चार साल के दौरान वित्त वर्ष 2017-18 से 2020-2021 के बीच शराब की 2,076 नई दुकानों को लाइसेंस मिला था. ये लाइसेंस चार अलग-अलग तरह की खुदरा दुकानों के लिए दिए जाते हैं-देसी शराब, विदेशी शराब, बीयर शॉप और मॉडल शॉप. 

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इसके पहले की अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार के पांच साल के अवधि FY13 to FY17 की बात करें तो प्रदेश में शराब की 2,566 नई दुकानों को लाइसेंस मिला था. इस दौरान राज्य सरकार का राजस्व 22,377 करोड़ रुपये से बढ़कर 24,943 करोड़ रुपये हो चुका था. यानी इसमें करीब 11.5 फीसदी की बढ़त हुई थी. वहीं BSP प्रमुख मायावती के नेतृत्व वाली सरकार ने वर्ष 2007-12 के दौरान 3,621 नई शराब की दुकानों को लाइसेंस दिया था. इस दौरान राज्य सरकार का शराब से राजस्व 106 फीसदी बढ़कर 3,948 करोड़ से 8,139 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.

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