उत्तर प्रदेश सरकार मंत्रियों और नौकरशाहों की पसंदीदा एंबेसडर कार की जगह नई गाड़ी की खोज में जुट गई है. वित्त और लघु उद्योग विभाग के बीच इस मामले में लंबी खतो-किताबत के बाद शासन ने वाहन का नाम सुझाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है.
यह कमेटी माननीयों और अफसरों की पसंद का ख्याल रखते हुए नई गाड़ी सुझाएगी. प्रदेश में मंत्रियों के साथ शासन व प्रशासन के अफसरों के लिए अब तक एंबेसडर कार खरीदी जाती रही है. पिछले काफी दिनों से सरकारी विभागों की ओर से शासन को लगातार यह बताया जा रहा है कि इस कार का निर्माण बंद होने से नए वाहनों की खरीद नहीं हो पा रही है. एंबेसडर की जगह कौन सा वाहन खरीदा जाए, इस बारे में राय मांगी जा रही है.
वित्त विभाग ने पिछले दिनों वाहन का नाम सुझाने की जिम्मेदारी लघु उद्योग विभाग को सौंपी थी लेकिन उसने अकेले फैसला करने के बजाय शासन से विभिन्न विभागों की एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की सिफारिश कर दी. अब उच्च स्तर से एक कमेटी गठित करने पर सहमति दे दी गई है. प्रमुख सचिव वित्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव लघु उद्योग व राज्य संपत्ति अधिकारी शामिल होंगे.
यह कमेटी एंबेसडर कार की कीमत के आस-पास वाले दूसरे वाहनों के नाम सुझाएगी. इसके बाद एंबेसडर के स्थान पर नए वाहन खरीदे जा सकेंगे. प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने बताया कि कमेटी का जल्द ही गठन कर नए वाहन का नाम तय कर लिया जाएगा.