उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से कई शिक्षकों की जान चली गई है. सूबे के जौनपुर जिले में डोली उठने से सात दिन पहले ही बेटी की अर्थी उठने की खबर से कोहराम मच गया है. पंचायत चुनाव ड्यूटी में प्रशिक्षण के दौरान कोरोना संक्रमित हुई शिक्षिका स्वाति गुप्ता की मौत हो गई है. शादी से 7 दिन पूर्व स्वाति की मौत से उनके परिवार के लोग सदमे में हैं. परिवार के सदस्यों के आंसू थम नहीं रहे हैं. जौनपुर जिले के मुंगरा बादशाहपुर कस्बे की रहने वाली शिक्षिका स्वाति गुप्ता बुलंदशहर में शिक्षिका के पद पर तैनात थीं.
मुंगरा बादशाहपुर कस्बे के गुड़हाई मोहल्ले में पूर्व प्राचार्य बंसी लाल गुप्ता के घर में 30 अप्रैल को बेटी की शादी की तैयारी शुरू हो गई थी. टेंट हाउस, कैटरिंग और बैंड बाजे के साथ-साथ सजावट आदि की व्यवस्था के लिए लोगों को जिम्मेदारियां दी जा चुकी थी. बस इंतजार था तो बेटी स्वाति का, जो बुलंदशहर जिले में पंचायत चुनाव की ड्यूटी करके घर आने वाली थी. परिवार वालों को कष्ट इस बात का है कि बेटी की डोली तो नहीं उठी लेकिन शादी के 7 दिन पहले अर्थी उठ गई.
स्वाति गुप्ता के पिता ने उनका विवाह रीवा मध्य प्रदेश के पन्नालाल गुप्ता के पुत्र पंकज गुप्ता सहायक अध्यापक के साथ तय किया था. 30 अप्रैल को शादी होनी थी. सभी रिश्तेदारों और शुभचिंतकों को शादी का कार्ड वितरित किया जा चुका था. शादी की तैयारियां अंतिम चरण में थी. बुलंदशहर में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात बेटी स्वाति गुप्ता के बस आने का इंतजार था. प्रथम चरण में 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव में ड्यूटी लग जाने के चलते स्वाति बुलंदशहर में ही रुक गईं. पंचायत चुनाव में प्रशिक्षण के दौरान स्वाति गुप्ता कोरोना संक्रमित हो गईं.
ड्यूटी कटवाने के लिए स्वाति ने बुलंदशहर के निर्वाचन अधिकारी को प्रार्थना पत्र भी दिया. चुनाव के 1 दिन पूर्व 14 अप्रैल को स्वाति की तबीयत अचानक खराब हो गई. उसे इलाज के लिए मेरठ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. जौनपुर में स्वाति के घर खबर आते ही स्वाति की मां और उसका भाई मेरठ के लिए रवाना हो गए. दिन प्रतिदिन स्वाति की तबीयत बिगड़ती गई और 23 अप्रैल को उसने दुनिया को अलविदा कह दिया.
(इनपुट- राजकुमार सिंह)