एक नाबालिग छात्रा से रेप मामले में सीओ (निलंबित) अमरजीत सिंह शाही को अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है. इसके साथ ही सिंह पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. जुर्माने की राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे.
हालांकि, कोर्ट ने सीओ को दलित उत्पीड़न और चाय में नशीली चीज मिलाने के आरोप से दोषमुक्त कर दिया है. मामले में अभियुक्त की ज्यादा उम्र और कोई आपराधिक इतिहास न होने पर सजा में भी थोड़ी राहत दी गई है.
गौरतलब है कि कानपुर शहर की 12वीं की एक छात्रा के पिता ने 15 मार्च 2012 को थाना चकेरी में तब प्रतापगढ़ में तैनात सीओ अमरजीत सिंह के खिलाफ बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, शादी या संभोग के लिए पकड़ने, छेड़छाड़ करने और मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
घटना नवंबर 2010 के दूसरे सप्ताई की बताई गई थी, तब अमरजीत सीओ सीसामऊ थे. बाद में सीओ कैंट बन गए थे. यह मामला विशेष जज एससी/एसटी श्रीप्रकाश की कोर्ट में चल रहा था. छात्रा के बयान के बाद कोर्ट ने सीओ के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, शादी या संभोग के लिए पकड़ने, रेप करने, मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने और दलित उत्पीडऩ का आरोप तय किए थे. अभियोजन की तरफ से 9 और बचाव पक्ष की ओर से मामले में 10 गवाह पेश किए थे.