उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक गरीब परिवार के मकान पर अधिकारियों ने बुलडोजर चलवाकर उसको धराशायी करवा दिया. कहा जा रहा कि बिना नोटिस और बिना सूचना के उनका मकान गिरा दिया गया. अब उनके आगे खुले आसमान के नीचे रहने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ आदेश था कि किसी भी गरीब व्यक्ति को नहीं सताया जाएगा. बावजूद इसके जिले के अधिकारियों ने गरीब के घर पर बुलडोजर चलवाया.
भोगनीपुर तहसील के मूसानगर सुरजापुर गांव के पास 2-3 परिवार करीब 50 वषों से यहां झोपड़ी डालकर कर रह रहे थे. तीनों परिवार बहुत ही गरीब तबके का है. वो अपने परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी करते हैं. तहसील प्रशासन ने उनके घर पर उस वक्त बुलडोजर चलाया, जब उनके परिवार में कोई घर का बड़ा व्यक्ति मौजूद नहीं था.
सुबह जब वो घर से मजदूरी के लिए निकले थे, तब सब कुछ ठीक था, लेकिन जब वो वापस मजदूरी कर लौटे तो उनका मकान जमींदोज हो चुका था. अब उनके आगे बच्चों के रहने की चिंता सता रही है. 60 वर्षीय रूबी रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही हैं. उनका कहना है कि वो बाजार गई थीं, सामान नहीं बिका तो वो अपने घर आई तो देखा उनका घर वहां नही था.
संतोष कुमार का भी यही हाल है. उनका कहना है कि उन्हें नहीं पता किसने उनका मकान गिरा दिया, ना तो उन्हें नोटिस दी गई और ना ही जानकारी दी गई. अब उन्हें आगे अपनी बूढ़ी मां और विकलांग बेटे की चिंता सताने लगी. उन्होंने अपील की है कि उनको रहने के लिए घर दिया जाए, जगह नहीं मिली तो हम आत्महत्या कर लेंगे.
सुरजापुर गांव के बाहर यह परिवार 50 सालों से ऐसे ही रहकर अपना जीवन व्यापन कर रहा था. इस मामले में भोगनीपुर एसडीएम अजय कुमार राय ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हर रविवार को अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है, कई मौखिक और लिखित नोटिस दी गई थी पर उन्होंने लिखित नोटिस नहीं ली है.