योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद (Sanjay Nishad) के खिलाफ कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (Non Bailable Warrant) जारी किया है. जिस पर संजय निषाद का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने अगामी 10 तारीख को कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात कही है. दरअसल, निषाद पार्टी (Nishad Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि उन्हें पता चला है कि कसरवल आंदोलन (निषाद आरक्षण के लिए हुए) को लेकर गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया है. फ़िलहाल मैं आधिकारिक दौरे पर आंध्र प्रदेश में हूं और आगामी 10 तारीख़ को कोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखूंगा.
उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि न्यायपालिका 2015 में मेरे निषाद भाइयों पर हुई बर्बरता और तत्कालीन सपा सरकार द्वारा लादे गये फ़र्ज़ी मुक़दमों में न्याय करेगी. मैं निषाद राज का सिपाही हूं, अपने समाज के हक के लिए जीवन की अंतिम सांस तक लड़ने व जेल में रहने के लिए भी तैयार हूं. समाज के हक व अधिकार की लड़ाई को मैं सड़क और सदन के माध्यम से लगातार उठा रहा हूं और उठाता रहूंगा. मेरे विरोधियों और समाज के विभीषणों ने यह झूठ में प्रचार किया कि कोर्ट ने मुझे गिरफ़्तार कर पेश करने के लिए कहा है.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि मंत्री संजय निषाद के खिलाफ गोरखपुर की सीजेएम कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है. उन्हें 10 अगस्त तक कोर्ट में पेश करने के लिए आदेश जारी किया गया है. ये आदेश 7 साल पुराने केस में दिया है. 2015 में सरकारी नौकरियों में निषाद जाति को आरक्षण देने की मांग को लेकर सहजनवां थानाक्षेत्र के कसरवाल में आंदोलन चल रहा था. जिसमें भीड़ हिंसक हो गई थी और गोली लगने से एक युवक मौत भी हुई थी. साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. इसके बाद संजय निषाद समेत कई लोगों के खिलाफ बलवा, तोड़फोड़, आगजनी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था. उन पर भीड़ को भड़काने का आरोप है.