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यूपी चुनाव: योगी के अलावा कोई और भी हो सकता है मुख्यमंत्री का चेहरा: स्वामी प्रसाद मौर्य

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बीच, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम को तय करेगा. हाल ही में इसी तरह का बयान डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी दे चुके हैं.

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स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा यूपी सीएम'
  • डिप्टी सीएम के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का बयान
  • यूपी में अगले साल होने हैं विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि मुख्यमंत्री का चेहरा केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा. स्वामी प्रसाद मौर्य से पहले इसी तरह का बयान यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी दे चुके हैं.

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'आजतक' से खास बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ''केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा कि साल 2022 में मुख्यमंत्री कौन होगा. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हो सकते हैं और कोई नया चेहरा भी हो सकता है. विधायक दल की बैठक में भी मुख्यमंत्री के नाम की मुहर लग सकती है.'' उन्होंने कहा कि कुछ भी हो सकता है.

उन्होंने कहा कि साल 2017 में हमारे पास कोई चेहरा नहीं था. केंद्रीय नेतृत्व ने वह चेहरा दिया. इस वजह से साल 2022 में भी केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा कि वह चेहरा योगी आदित्यनाथ होंगे या फिर जीतने के बाद कोई नया होगा. उन्होंने कहा, ''बीजेपी अपनी प्रतिबद्ध परंपराओं के हिसाब से ही चलती है और पार्टी के नेता होने के नाते या बतौर स्वामी प्रसाद मौर्य मैं यह कह सकता हूं कि यह सब कुछ 2022 में चुनाव के बाद तय होगा हो सकता है कि विधायक दल की बैठक से भी चेहरा तय हो जाए.

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हाल ही में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व ही चेहरा तय करेगा. उन्होंने कहा था,  ''2022 में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा या चेहरा कौन होगा, यह केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा. यह मेरा विषय नहीं है.'' प्रदेश में लगातार हुईं बैठकों को लेकर डिप्टी सीएम ने कहा था कि जिन बैठकों को आप मंथन का नाम दे रहे हैं, वे सिर्फ रूटीन बैठकें ही थीं.

गौरतलब है कि अगले साल की शुरुआत में अन्य कई राज्यों के साथ यूपी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं. इस महीने की शुरुआत में प्रदेश में कई बैठकें हुई थीं, जिसकी वजह से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. वहीं, पीएम मोदी के करीबी रहे एके शर्मा के भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के कयास थे, लेकिन बीते दिन उन्हें प्रदेश बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाकर कयासों पर विराम लगा दिया गया. 

 

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