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UP: संघ का कैडर- मजबूत जनाधार वाले नेता थे मंत्री विजय कश्यप, कोरोना से निधन

इससे पहले 23 अप्रैल को लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश श्रीवास्तव, औरैया के रमेश चंद्र दिवाकर, 28 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार और 7 मई को रायबरेली की सलोन विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी का निधन हो चुका है.

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विजय कश्यप का निधन (फाइल फोटो)
विजय कश्यप का निधन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय कश्यप का निधन
  • गुडगांव के मेदांता हॉस्पिटल में हुआ निधन
  • मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा से थे विधायक

उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री विजय कश्यप का निधन हो गया है. वह कोरोना से संक्रमित थे. गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. विजय कश्यप यूपी के मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा से विधायक थे. विजय कश्यप योगी सरकार में बाढ़ एवं नियंत्रण राज्य मंत्री थे. विजय कश्यप के निधन पर शोक जाहिर करते हुए पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय कश्यप के निधन से अत्यंत दुख हुआ है. वे जमीन से जुड़े नेता थे और सदा जनहित के कार्यों में समर्पित रहे. शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.

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विजय कश्यप, यूपी के 5वें विधायक हैं जिनका कोरोना की दूसरी लहर में निधन हो गया है. इससे पहले 23 अप्रैल को लखनऊ पश्चिम के विधायक सुरेश श्रीवास्तव, औरैया के रमेश चंद्र दिवाकर, 28 अप्रैल को बरेली के नवाबगंज से विधायक केसर सिंह गंगवार और 7 मई को रायबरेली की सलोन विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक व पूर्व मंत्री दल बहादुर कोरी का निधन हो चुका है.

मुजफ्फरनगर की चरथावल सीट से विधायक विजय कश्यप को राज्य मंत्री बनाया गया था. मूलतः संघ कैडर के विजय कश्यप सहारनपुर के जिला बौद्धिक प्रमुख रहे. सहारनपुर जनपद के नानौता के रहने वाले विजय कश्यप का अपनी बिरादरी में खासा जनाधार माना जाता था. पहली बार 2007 में चरथावल से चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा. 2017 के विधानसभा चुनाव में वह चरथावल सीट से विधायक निर्वाचित हुए. विजय कश्यप भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य रहे थे.

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2017 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी मुकेश चौधरी को 23 हजार से ज्यादा मतों से शिकस्त दी थी. वे 20 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए थे. 29 अप्रैल से वे मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे. कुछ दिनों तक वह नानौता स्थित घर में आइसोलेट रहे थे. तबीयत बिगड़ने पर 29 अप्रैल को उनको गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वे योगी सरकार में राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री थे.
 

 

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