यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर चहल-पहल काफी तेज हो चुकी है. त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में उतरा हर उम्मीदवार वोटर को अपने पक्ष में करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है. पंचायत चुनावों में कुछ राजनीतिक परिवारों की नई पीढ़ियां भी अपनी किस्मत आजमा रही हैं.
अमरोहा जिले में दो ऐसे ही युवा चुनावी मैदान में हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बीए ऑनर्स की पढ़ाई करने वाली शिवानी गांव सरकार का हिस्सा बनने के लिए राजनीतिक अखाड़े में उतर गई हैं तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ने भी दिल्ली की कोठियों को छोड़कर अमरोहा में गांव की सरकार बनाने का सपना देखा है.
इकोनॉमिक्स में बीए ऑनर्स की पढ़ाई के बाद गांव की राजनीति में ली एंट्री
राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली शिवानी दिल्ली में रहकर दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बीए ऑनर्स की पढ़ाई कर रही थीं. उसी बीच अचानक कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को घेर लिया तो शिवानी के परिवार ने गांव का रुख किया. इसी बीच पंचायत चुनाव आ गए तो परिवार में चुनावी माहौल देख उसने भी आपदा में अवसर तलाशने की ठान ली. अब शिवानी जिला पंचायत पद के लिए राजनीतिक मैदान में हैं. बहुजन समाज पार्टी ने टिकट देकर शिवानी को मैदान में उतारा है.
शिवानी वार्ड नंबर 4 से जिला पंचायत सदस्य की बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी हैं. आपको बता दें कि शिवानी के पिता सबसे पहले इसी वार्ड से जिला पंचायत सदस्य बने थे और उसके बाद 2010 से 2015 तक अमरोहा ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख रहे हैं. उसके बाद नौगावां विधानसभा से विधायक का चुनाव हार चुके हैं. शिवानी के पिता जयदेव सिंह शुरुआत से अब तक बहुजन समाज पार्टी में ही रहे हैं.
पिता का कारोबार छोड़ राजनीतिक विरासत संभालने पहुंचे अमरोहा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर दिल्ली की चमक-धमक छोड़ अमरोहा शिफ्ट हो चुके हैं. ललित अब अमरोहा में गांव सरकार बनाकर अपने राजनीति में भविष्य तलाश रहा है. लंदन से एमबीए की पढ़ाई कर चुके ललित ने पिता के अरबों के कारोबार के बजाय राजनीतिक विरासत संभालने का फैसला लिया है. ललित तंवर वार्ड नंबर 16 से जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी हैं. ललित को भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है. ललित को मिलाकर इस सीट पर कुल मिलाकर 29 प्रत्याशी मैदान में हैं.
ललित के पिता 2014 में अमरोहा लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर सांसद बने थे. 2019 में भी ललित के पिता चौधरी कंवर सिंह तंवर ने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बहुजन समाज पार्टी के दानिश अली के सामने चुनाव लड़ा था. लेकिन चुनावों में दानिश अली की जीत हुई थी. कंवर सिंह तंवर फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में हैं.