उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के बाबरपुर कस्बे की रहने वाली आयुषी उर्फ रश्मी उम्र 12 वर्ष बीती 31 मई से लापता थी जिसकी गुमशुदगी थाना अजीतमल में परिजनों ने दर्ज करा दी थी. एक जून को फंफूद रेलवे स्टेशन के पास ट्रेक पर एक अज्ञात लाश थाना जीआरपी को मिली जिसको लावरिस समझकर थाना जीआरपी ने पोस्टमार्टम के लिए इटावा भेज दिया.
अज्ञात लावरिस लड़की की सूचना उसके परिजनों तक पहुंच गई और उन्होने पोस्टमार्टम हाउस जाकर लड़की की शिनाख्त कर अपने कस्बे बाबरपुर ले आए.
इसके बाद लड़की के परिजनों ने बाबरपुर कस्बे में शव को रखकर जाम लगा दिया. इतने में बीजेपी के कद्दावर नेता इस धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए और मांग करने लगे कि पूरा थाना सस्पेंड किया जाए. साथ ही में लड़की के बलात्कारियों और हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए.
मामला बढ़ता देख जिले के आला अधिकारी मौके पर डेरा जमाए हुए थे और किसी तरह पूरे मामले को शांत पूर्ण ढंग से निपटाने की कोशिश की जा रही थी कि उसी समय एक सिपाही ने पीड़ित परिवार के परिजनों के ऊपर लाठी चला दी जिससे गुस्साये लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू किया और पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठी चार्ज कर दी.
इस दौरान एक महिला एसओ सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. परिजनों का आरोप है कि पहले बेटी के साथ रेप किया गया है और उसकी हत्या कर शव को रेलवे ट्रेक पर फेंक दिया गया.