इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से समायोजन रद्द किए जाने के बाद यूपी में शिक्षा मित्रों के विरोध की आग अब कई शहरों में पहुंच गई है. पौने दो लाख शिक्षकों का हवाला देकर आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का वक्त मांगा है, वहीं अदालत के फैसले के बाद कइयों की खुदकुशी से सरकार सकते में है.
सोमवार को शिक्षा मित्रों ने लखनऊ सहित पूरे अवध में प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने स्कूलों में कामकाज ठप कर दिया और जमकर नारेबाजी की. वो यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग कर रहे हैं. हाई कोर्ट ने शिक्षा मित्रों की सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति को अवैध बताते हुए रद्द किया है.
लखनऊ के हजरतगंज में गांधी प्रतिमा के पास जुटे शिक्षा मित्रों ने हाई कोर्ट के फैसले के विरोध में धरना देकर विरोध जताया. उन्होंने लखनऊ सहित आसपास के क्षेत्रों के स्कूलों में पठन-पाठन ठप कर दिया और कई जगहों पर एबीएसए के कार्यालयों का घेराव कर जमकर नारेबाजी की.
अमेठी में भी बंद करवाया स्कूल
फैजाबाद में शिक्षा मित्र एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर चले गए. उन्होंने बीआरसी कार्यालय पर धरना दिया और कहा कि प्रधानमंत्री व मानव संसाधन मंत्रालय को इस बारे में ज्ञापन भेजेंगे.
सुलतानपुर और अमेठी में भी शिक्षा मित्रों ने स्कूल बंद कर विरोध जताया. बाराबंकी में आंदोलन जारी रखते हुए शिक्षा मित्र स्कूलों में नहीं गए. इस दौरान डायट में उन्होंने जमकर नारेबाजी की. यही हाल अम्बेडकरनगर में भी देखने को मिला. गुस्साए शिक्षामित्रों ने विद्यालयों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट पर धरना दिया, जबकि बहराइच में शिक्षा मित्रों ने सामूहिक अवकाश लेते हुए फैसले के खिलाफ नाराजगी जताई.