उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के बीच बाराबंकी जनपद के अहमदपुर टोल प्लाजा में 42 कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव होने से टोल कर्मियों में हड़कंप मच गया है. राजधानी लखनऊ के साथ एक दर्जन से अधिक जनपदों व बिहार-नेपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-28 पर स्थित अहमदपुर टोल प्लाजा से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं. ऐसे में टोल प्लाजा पर हुए अचानक कोरोना विस्फोट ने टोल से निकलने वाले लोगों को सकते में डाल दिया है.
सोमवार को 12 कोरोना पॉजिटिव आने के बावजूद भी टोल को चलाया जा रहा था जिस लापरवाही के चलते मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या 42 हो गई. हालांकि लगातार कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा होने से जिला प्रशासन ने टोल प्लाजा को सील कर गुजरने वाले वाहनों को 48 घंटों के लिए टोल फ्री कर दिया है. और टोल प्लाजा परिसर के साथ मशीनों को सैनिटाइज कराया जा रहा है. कोरोना विस्फोट के चलते अहमदपुर टोल प्लाजा के पास के गांवों में भी हड़कंप मचा हुआ है.
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पूरे टोल प्लाजा को सैनिटाइज किया जाएगा
अहमदपुर टोल प्लाजा मैनेजर ए.के.चौहान ने बताया कि अहमदपुर टोल प्लाजा पर काम करने वाले 42 कर्मचारी कोरोना से संक्रमित हुए हैं. जिन्हें प्रशासन द्वारा चंद्रा हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है. टोल प्लाजा को 48 घंटे के लिए सील कर दिया गया है. वाहनों से कोई भी टोल 48 घंटे तक नहीं वसूला जाएगा और पूरे टोल प्लाजा को सैनिटाइज किया जाएगा.
इसके अलावा बाराबंकी जिलाधिकारी ने ट्वीट करके बताया कि जिले में कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 154 हो गई है.
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बता दें कि फैल रहे संक्रमण के बीच बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ तहसील में एक पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्रमित मिला है. जिससे पूरी तहसील को सील कर दिया गया है. वहीं, नवाबगंज तहसील के सतरिख निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना इलाज के दौरान सोमवार की रात केजीएमयू में मौत हुई है. लगतार बढ़ रहे कोरोना के मरीजों की संख्या ने प्रशासन के साथ आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है. जनपद में 483 कोरोना पॉजिटिव केस में 154 एक्टिव केस है. जिन्हें कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.