उत्तर प्रदेश के बदायूं में रेप के बाद हत्या कर दी गई लड़कियों के शव कब्र से निकाले जाएंगे. सीबीआई दोनों लड़कियों की दोबारा, नए सिरे से पोस्टमॉर्टम कराना चाहती है. एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम के लिए उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था.
सूत्रों ने बताया कि पहला पोस्टमार्टम रात के वक्त किया गया था, जो निर्धारित कार्यप्रणाली के खिलाफ है. पोस्टमार्टम सूर्यास्त के बाद नहीं किया जाता, सिवाय आपात मामलों को छोड़कर. शव निकालने से पहले सीबीआई एक मेडिकल बोर्ड गठित करेगी जिसके बाद वह दोनों लड़कियों की कब्र खोद कर उनके शव निकालने को लेकर निर्देश लेने के लिए एक स्थानीय अदालत का रुख करेगी. यूपी सरकार के शव परीक्षण रिपोर्ट में सिर्फ बलात्कार होने की ओर संकेत किया गया था. जबकि इसे साबित करने वाले निष्कर्ष नहीं दिए गए थे. पोस्टमार्टम एक महिला चिकित्सक ने किया था जिनके पास इसका कोई अनुभव नहीं था.
इस बीच, सीबीआई ने केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में चार लोगों की की पॉलीग्राफ जांच जारी रखी है.सूत्रों ने बताया कि घटनाक्रम के बारे में दोनों लड़कियों के पिताओं, एक रिश्तेदार और एक प्रत्यक्षदर्शी से पूछताछ की गई. लेकिन लड़कियों के लापता होने की रात के घटनाक्रम, उनके मोबाइल फोन, घटना के बारे में मिली पहली जानकारी के बारे में जब सवाल पूछे गए तो संतोषजनक जवाब नहीं मिले थे. है. सीबीआई ने इन चार लोगों की पॉलीग्राफ या लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए बदायूं की अदालत से तीन दिन का वक्त लिया है. अगर प्रक्रिया पहले पूरी हो गई तो इन्हें जाने की इजाजत दी जा सकती है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक ए एल बनर्जी ने भी इस घटना पर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि एक लड़की से बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने संकेत दिया था कि इस अपराध के पीछे संपत्ति विवाद एक कारण हो सकता है.
गौरतलब है कि 14 और 15 साल की दो चचेरी बहनें 27 मई की रात अपने घर से लापता हो गई थीं. उनके शव अगले दिन उशैत इलाके के गांव में एक पेड़ से लटकते पाये गये थे.