उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को किसानों से 'मन की बात' करने की कोशिश की लेकिन तैयारी में कमी और तकनीकी वजहों से उनका यह प्लान नाकाम हो गया.
अखिलेश को प्रदेश भर के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 'मन की बात' करनी थी, लेकिन ब्यूरोक्रेसी के चलते वह सिर्फ कन्नौज के किसानों की ही बात सुन पाए.
सीएम अखिलेश यादव ने खुद बताया कि जब वह वीडियो कांफ्रेंसिंग करने पहुंचे तो अधिकारियों ने सबसे पहले कन्नौज के किसानों और अधिकारियों से बात कराई. सिर्फ आधे घंटे में किसानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर मुख्यमंत्री निकल गए.
इस वजह से अन्य क्षेत्रों के किसान अपने 'मन की बात' कहने का सिर्फ इंतजार करते रह गए. दरअसल अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव का लोकसभा क्षेत्र कन्नौज ही है. ऐसे में मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए ब्यूरोक्रेसी ने सबसे पहले उन्हें कन्नौज के किसानों से रूबरू कराया.
वहीं बेमौसम बारिश के चलते यूपी सरकार ने राज्यों के 72 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है. अखिलेश ने कहा, 'मैं समझता हूं कि वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये जिन मुख्यालयों तक बात पंहुची है जिन लोगों तक पहुंची है जो एग्रीकल्चर से संबधित है उनसे बात भी की है. कई समस्याओं का समाधान उन तक इसके माध्यम से पंहुचा होगा. ये प्रयास और ये काम तेजी से करेगें.'
(इनपुट: भाषा)