उत्तर प्रदेश का विद्युत विभाग घाटे में चल रहा है. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि इस वक्त प्रदेश का विद्युत विभाग 90 हज़ार करोड़ रुपए के घाटे में है. उन्होंने आगे कहा कि शहर में रहने वाले 30% लोग भुगतान नहीं करते हैं. वहीं, गांव में रहने वाले करीब 75 प्रतिशत लोग भुगतान नहीं करते हैं. उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि सही और समय पर बिल का भुगतान करें. जिससे सस्ती और निर्बाध बिजली मिल सके.
बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई थी. प्रदेश में बिजली की दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के प्रस्ताव को बिजली नियामक आयोग द्वारा खारिज कर दिया गया है. बता दें कि हाल ही में UPPCL ने यूपी में बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे आयोग ने खारिज कर दिया.
इससे बिजली के दामों में इस साल किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. कोरोना काल में आमदनी कम होने के बाद UPPCL ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्लान बनाया था. इससे बिजली के दामों में इस साल किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. दरअसल, कोरोना के कारण UPPCL ने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्लान बनाया था.
बता दें कि लॉकडाउन के वक्त UPPCL को काफी नुकसान हुआ है. यही कारण है कि UPPCL ने सीधे बिजली की दरों को ना बढ़ाकर स्लैब में बदलाव कर रेट में बढ़ोतरी करने की तैयारी की थी.