
कोरोना महामारी के चलते उत्तर प्रदेश में कई जिलों में वेंटिलेटर की इस समय बहुत जरूरत है, कई जगह तो वेंटिलेटर है ही नहीं, लेकिन फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड परिसर में 67 नए वेंटीलेटर पिछले साल से आज भी धूल फांक रहे हैं. उन पर धूल जमी हुई है, उनका कोई इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.
इस बाबत सीएमएस डॉक्टर आलोक शर्मा का कहना है कि हमें जितने वेंटिलेटर की जरूरत है, उसे इस्तेमाल कर रहे हैं, बाकी जो वेंटिलेटर हैं, वह यहां तादाद से ज्यादा है, हमने शासन को लिखकर भेज दिया है कि वह चाहे तो यहां से उठवा कर जहां जरूरत है, वहां भिजवा दें.
डॉक्टर आलोक शर्मा ने कहा कि पिछले साल 114 वेंटिलेटर मंगाये थे, जिसमें काफी तो इस्तेमाल हुए हैं, लेकिन अभी बहुत सारे एक्स्ट्रा रखे हैं, इनकी तादाद बहुत ज्यादा है, शासन को भी पत्र लिखा है कि किसी और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इनकी जरूरत हो तो तत्काल भिजवाए जा सकते हैं.
डॉक्टर आलोक शर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड की बात करें तो यहां 172 बेड है. इस समय कोरोना मरीजों की संख्या करीब 152 है, जो आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं, जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत है, उन्हें वेंटिलेटर दिया जा रहा है, लेकिन फिर भी वेंटिलेटर यहां तादाद से ज्यादा है इसलिए वह धूल फांक रहे हैं.