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UP: गोंडा में सरकारी अस्पताल की लापरवाही, नवजात बच्चे का मुंह खा गया जानवर!

उत्तर प्रदेश के गोंडा में मासूम बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि बच्चे का मुंह कटा हुआ था, जैसे उसे किसी जानवर ने नोचा हो. इस मामले में थाने में तहरीर दी गई. सीएमओ और डीएम ने अलग-अलग कमेटी बनाकर जांच शुरू कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. यहां मुजेहना सीएचसी में शनिवार रात करीब एक बजे एक बच्चे का जन्म हुआ. बच्चे के पिता सिराज का आरोप है कि उसे ऑक्सीजन पर रखा गया था, सुबह 3 बजे बताया गया कि बच्चे की मौत हो गयी है, जब बच्चे को देखा गया तो उसका मुंह कटा था, जैसे किसी जानवर ने नोचा था.

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परिजनों के हंगामा करने पर डॉक्टरों ने उनको भगा दिया. परिजनों ने कार्यवाही के लिए धानेपुर थाने में तहरीर दी है. इस मामले में सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा का कहना है कि मैंने अपने स्तर से और डीएम साहब ने टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं, जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी, पोस्टमार्टम भी करवाया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला

गोंडा के मुजेहना ब्लाक के रुद्रगढ़ नौंसी गांव निवासी सिराज ने अपनी पत्नी को मुजेहना सीएचसी में शनिवार रात में भर्ती कराया. यहां रात एक बजे बच्चे की डिलिवरी हुई, उसको ऑक्सीजन पर रख गया. 3 बजे बच्चे का इंतकाल हो गया. सिराज का कहना है कि जब मैं सुबह बच्चे को देखने गया तो देखा कि उसके मुंह कटा हुआ है, जैसे किसी जानवर ने नोचा हो.

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बच्चे का मुंह कैसे कटा हुआ है? सिराज ने अस्पताल प्रशासन से यह सवाल पूछा तो उसे जवाब मिला कि हमें नहीं पता. सिराज की माने तो सुबह जब बच्चे की मौत हो गई तो अस्पताल के लोगों का कहना था कि जब बच्चा पैदा हुआ तो उसकी धड़कन नहीं थी, उसे वॉर्मर में रखा गया था. सिराज ने पूछा कि जब बच्चा मर गया था तो उसे वॉर्मर में क्यों रखा?

सिराज का आरोप है कि लापरवाही के चलते उसके बच्चे की मौत हुई है, दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो ताकि किसी अन्य के साथ ऐसा न हो, फिलहाल बच्चे के शव को पीएम के लिए भेजा गया है. सीएमओ व डीएम ने अपने-अपने स्तर से टीम गठित कर जांच के आदेश दिए हैं. सपा के पूर्व एमएलसी ने परिजनों को आर्थिक सहायता दी.

 

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