मुंबई में आरे जंगलों की कटाई को लेकर काफी बवाल हुआ था. यह मामला अक्टूबर महीने का है तब वहां के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे. मैट्रो के बदले में पेड़ की कटाई राष्ट्रीय मुद्दा बन गया था.
यूपी में इसी घटना से सबक लेते हुए योगी सरकार ने एक अनोखा फ़ैसला सुनाया है. अगर किसी को एक पेड़ काटना है तो बदले में उसे दस पौधे लगाने होंगे. इतना ही नहीं कौन से पेड़ लगाए जाएंगे, इसको लेकर भी यूपी सरकार ने गाइडलाइन जारी की है.
दरअसल सोमवार को यूपी सरकार ने कैबिनेट की मीटिंग में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है. आदेश में कहा गया है कि 10 पौधे लगाए बगैर किसी भी शख़्स को पेड़ काटने की इजाजत नहीं दी जाएगी. यानी एक पेड़ 10 पौधे और 10 पेड़ तो 100 पौधे.
योगी सरकार ने पर्यावरण के दृष्टिकोण से 10 पौधों की पहचान भी की है- पीपल, महुआ, नीम, साल और आम जैसे पौधे. यानी कि बड़े और छाएदार पौधे. योगी सरकार, इस आदेश के बाद स्वच्छ पर्यावरण को सुनिश्चित करना चाहती है.
सरकार ने यह भी कहा है कि अगर किसी व्यक्ति के पास अपनी ज़मीन नहीं है तो वह पौधा वन विभाग की जमीन पर लगा सकते हैं. लेकिन बिना पौधे लगाए किसी व्यक्ति को पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
जाहिर है पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने के लिए योगी सरकार का यह फैसला एक अच्छा फैसला है. हालांकि इन पौधों के रखरखाव आदि जैसी गंभीर बातों को लेकर विस्तृत निर्देश आना बाकी है.
बता दें कि मुंबई में पेड़ कटाई को लेकर जारी विरोध के बाद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुंबई की आरे कालोनी में प्रत्येक पेड़ केे बदले में पांच पौधे लगाने की बात कही थी.