scorecardresearch
 

यूपी में कोरोना से निपटने के इंतजामों पर इलाहाबाद HC की नाराजगी, हलफनामे में पूरी जानकारी न देने पर फटकार

लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और मेरठ के पुलिस और प्रशासनिक प्रमुखों ने हलफनामा दाखिल किया था. हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है. कोर्ट ने अगली तारीख पर बेहतर जानकारी के साथ हलफनामा मांगा है.

Advertisement
X
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर असंतोष जताया है.(फाइल फोटो)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते मामलों पर असंतोष जताया है.(फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अगली सुनवाई 17 दिसंबर को
  • प्रयागराज पुलिस की कोर्ट ने की तारीफ
  • हर दिन बढ़ाई जा रही है कोरोना की टेस्टिंग

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंसतोष जताया है. हाईकोर्ट ने प्रदेश के चार बड़े शहरों में कोरोना की रोकथाम के उपायों पर असंतोष व्यक्त किया है. कोर्ट लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और मेरठ में फैलते कोरोना संक्रमण को लेकर बरते गए एहतियात से संतुष्ट नहीं है.

Advertisement

कोर्ट ने कहा कि संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पुलिस काफी प्रयास कर रही है लेकिन इसके बावजूद कोविड का संक्रमण फैल रहा है. कोर्ट का कहना है कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है. कोर्ट ने कहा कि कोरोना संक्रमितों की ट्रैकिंग ठीक से न होने की वजह से संक्रमण नहीं थम रहा है.

लखनऊ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और मेरठ के पुलिस और प्रशासनिक प्रमुखों ने हलफनामा दाखिल किया था. हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है. कोर्ट ने अगली तारीख पर बेहतर जानकारी के साथ हलफनामा मांगा है.

कोर्ट ने हर सड़क पर प्रत्येक दो किलोमीटर की दूरी पर दो कांस्टेबल तैनात करने का निर्देश दिया है और साथ ही कहा है कि पुलिस कांस्टेबल लोगों को मास्क पहनने के नियम का अनिवार्य रूप से पालन कराएं. अगली सुनवाई पर पुलिसकर्मियों के नामों की सूची पेश करने का निर्देश भी कोर्ट ने दिया है.

Advertisement

अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को जानकारी दी कि  कोराना टेस्टिंग हर दिन बढ़ाई जा रही है. वहीं, लखनऊ के डीएम के हलफनामे को देख कोर्ट ने चिंता जताई है. कोर्ट का  कहा कि हर दिन तीन सौ से अधिक संक्रमित मिलना चिंताजनक है. एडवोकेट कमिश्नर ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद खाने-पीने की चीजें खुले में बेची और खाई जा रही हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि खाने-पीने का सामान बंद पैकेट में ही बिकना सुनिश्चित हो.

कोर्ट ने प्रयागराज पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की तारीफ की है. मास्क पहनने पर सख्ती से प्रयागराज में संक्रमितों की संख्या में कमी आई है. इसके अलावा कोर्ट ने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग और सैनिटाइजेशन का निर्देश दिया है. इस मामले में अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी. जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.

देखें- आजतक LIVE TV

 

Advertisement
Advertisement