उत्तर प्रदेश सरकार ने चिन्मयानंद मामले में एसआईटी का गठन किया है. जिसके बाद अब शाहजहांपुर में पीड़ित लॉ की छात्रा के आरोपों की जांच एसआईटी के जरिए की जाएगी. आईजी नवीन अरोड़ा एसआईटी टीम की अगुवाई करेंगे. दरअसल, चिन्मयानंद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से एसआईटी का गठन करने का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ एक छात्रा की ओर से लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करे. पुलिस महानिरीक्षक रैंक का एक पुलिस अधिकारी एसआईटी का प्रमुख होगा.
कोर्ट ने निगरानी के लिए मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा है कि कोर्ट छात्रा द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर जांच की निगरानी करे. इसके अलावा अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव को लड़की और उसके माता-पिता को सुरक्षा देने का निर्देश भी दिया है.
वकीलों के एक ग्रुप ने गुरुवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को चिट्ठी लिखे जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया. बीजेपी के नेता के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के बाद लापता हुई छात्रा शुक्रवार को राजस्थान में पाई गई थी. इसके कुछ घंटों के अंदर छात्रा को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया गया.