उत्तर प्रदेश में नए उद्योगों के लिए रास्ते खुलने से लाखों लोगों को रोजगार मिला है, वहीं आने वाले वक्त में भी लाखों नौकरियां पैदा होंगी. दरअसल, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) से 3500 उद्योगपतियों ने जमीन ली है. इससे करीब एक लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं. इतना ही नहीं नोएडा प्राधिकरण ने 846 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है. अब माइक्रोसॉफ्ट और अडानी की कंपनी नोएडा आ गए हैं. इससे 1.5 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी यूपसीडा की जमीन पर बड़े-बड़े उद्योगपति फैक्ट्री लगा रहे हैं. एक आंकड़े के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल में 51 जिलों में औद्योगिक क्षेत्र में करीब 3500 उद्योगपतियों ने जमीन खरीदी है. इसके जरिए 11500 करोड़ रुपए का निवेश हुआ है इतना ही नहीं करीब 1 लाख लोगों को रोजगार भी दिया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ मयूर माहेश्वरी के मुताबिक जमीन लेने वाले तमाम उद्योगपतियों ने फैक्ट्री लगाने के बाद उत्पादन भी शुरू कर दिया है. हैरानी की बात यह है कि कोरोना महामारी की लहर के बावजूद पिछले एक साल के दौरान एक हजार से अधिक उद्योगपतियों ने फैक्ट्री लगाने के लिए यूपीसीडा से जमीन ली है. इन कारखानों की स्थापना से लगभग 5100 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इनमें ब्रिटिश कंपनी एवी मोरी प्रमुख है. इस कंपनी ने चित्रकूट और पीलीभीत में फैक्टरी लगाने के लिए जमीन ली है.
नोएडा आई माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनी, अडानी ग्रुप
वैसे दिल्ली से सटे नोएडा में औद्योगिकरण के लिए ज्यादा जमीनें नहीं बची हैं लेकिन इसके बावजूद कार्यभार संभालने के बाद सही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु माहेश्वरी की कोशिशों के चलते पिछले 4 साल के दौरान 846 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया है. पिछले 4 सालों के दौरान करीब 21592.16 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित रहा है. शहर की इन इकाइयों में करीब डेढ लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.
माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, अडानी और आइकिया जैसे बड़े देशी-विदेशी ग्रुप नोएडा में अपना कारोबार फैला रहे हैं. इनसे ना सिर्फ शहर की आर्थिक उन्नति को मजबूती मिलेगी, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. रोजगार के मामले में भी गौतमबुद्ध नगर प्रवासियों की पहली पसंद बन चुका है.
नोएडा प्राधिकरण ने दुनिया की अग्रणी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ भी बड़ी डील की. माइक्रोसॉफ्ट यहां से न केवल भारतीय उपभोक्ताओं के लिए बल्कि ग्लोबल कंजूमर के लिए बड़ा सेटअप लगाने जा रही है. नोएडा के सेक्टर 145 में भूखंड ए-1 और ए-2 की कुल 60,000 वर्ग मीटर की भूमि का आवंटन माइक्रोसॉफ्ट के नाम किया जा रहा है. यह जमीन 103.66 करोड़ रुपये में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हुई है.
उत्तर प्रदेश में औद्योगिकरण को बढ़ावा देने के लिए नोएडा प्राधिकरण द्वारा 4000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों का आवंटन किया गया है. इसमें से 39,146 वर्ग मीटर जमीन अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड को सेक्टर-80 में आवंटित की गई है. अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड इस परियोजना में 2 हजार 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. निवेश की नजर से अडानी इंटरप्राइजेज सुपर मेगा श्रेणी की इकाई है. इस जमीन के आवंटन से नोएडा प्राधिकरण को राजस्व के रूप में लगभग 71 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे.
कई और कंपनियां भी स्थापित कर रहीं प्लांट
इसी तरह डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) को मोबाइल फोन उत्पादन की परियोजना के लिए सेक्टर-151 में 21,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का भूखण्ड आवंटित किया गया है. ये कंपनी देश की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इकाई है. प्रस्तावित परियोजना में डिक्सन टेक्नोलॉजीज द्वारा 270 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 9000 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.
वहीं अग्रवाल एसोसिएट्स को सेक्टर-140ए में आईटी/आईटीईएस पार्क की स्थापना के लिए 55000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का भूखण्ड आवंटित किया गया है. इस परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 30,000 रोजगार के अवसर मिलेंगे. योजना में भूखण्डों का आवंटन पाने वाले आवेदकों द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में भिन्न-भिन्न उत्पादों जैसे मोबाइल फोन, टेलीविजन, वाशिंग मशीन, लैपटॉप, एयर कन्डीशनर, होम टेक्सटाइल्स, फर्नीचर, हैन्डीक्राफ्ट, माउथ फ्रेशनर, पान मसाला, मिठाइयां व नमकीन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण एवं चीनी तथा गुण के उत्पाद, पशु आहार, पेपर प्रोडक्ट्स एवं रेडीमेड गारमेन्टस इत्यादि का उत्पादन किया जाएगा.
इन आवंटनों से नोएडा को लगभग 344 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा. साथ ही नोएडा क्षेत्र में लगभग 3870 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश तथा लगभग 48512 लोगों के लिए रोजगार का रास्ता साफ होगा.