उत्तर प्रदेश के सुन्नी वक्फ बोर्ड पर जुफर अहमद फारूकी का वर्चस्व पिछले डेढ़ दशक से कायम है. बसपा की मायावती से लेकर सपा की अखिलेश सरकार यूपी में आई और चली गई, लेकिन जुफर फारूकी वक्फ बोर्ड पर कायम रहे. अब योगी सरकार में भी भी जुफर फारूकी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष चुने गए हैं. वो उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चौथी बार चेयरमैन बने हैं, लेकिन इस बार महज एक वोट के अंतर से ही उन्हें जीत मिली है.
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चुनाव में जुफर फारूकी बीजेपी के समर्थन से मैदान में उतरे थे, जिनके खिलाफ सपा के इमरान माबूद ताल ठोक रहे थे. दोनों तरफ से बराबर की टक्कर ने इस चुनाव को बेहद रोचक बन गया था, लेकिन सपा विधायक अबरार अहमद की क्रॉस वोटिंग से जुफर फारूकी को जीत मिली और सपा के इमरान माबूद को हार का मूंह देखना पड़ा है.
बता दें कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में 8 सदस्य निर्विरोध चुने गए थे, जबकि 3 लोगों को उत्तर प्रदेश सरकार ने नामित किया था. इन 11 लोगों की हुई वोटिंग में जुफर फारूकी के पक्ष में 6 वोट पड़े, जबकि इमरान माबूद को 5 वोट मिले. असल में सपा के विधायक अबरार अहमद ने क्रॉस वोटिंग की जिसका खामियाजा इमरान माबूद को भुगतना पड़ा. इसी के चलते पार्टी ने उन्हें नोटिस थमा दिया है.
सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के चुनाव में जुफर फारूकी के पक्ष में 6 वोटों पड़े हैं. मुतावल्ली कोटे से अदनान फारुख शाह, सामाजिक कार्यकर्ता सबीहा अहमद, इस्लामिक स्कॉलर नईम उर रहमान, स्वास्थ्य निदेशालय की जॉइंट डायरेक्टर तबस्सुम हसन, खुद जुफर फारूकी ने वोट दिया है जबकि विधानमंडल कोटे से सपा के विधायक अबरार अहमद ने भी अपना दिया है.
सपा-बसपा एक साथ
वहीं, जुफर फारूकी के खिलाफ उतरे इमरान माबूद के पक्ष में सपा और बसपा एक साथ आ गई थी. सपा कोटे से सांसद एस टी हसन, विधायक नफीस अहमद और विधायक अबरार अहमद थे जबकि बसपा कोटे से सांसद कुंवर दानिश अली थे. इसके अतिरिक्त 2 सदस्य बार काउंसिल के अब्दुल रज्जाक खान और उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पूर्व चैयरमैन इमरान माबूद खान खुद थे.
इस तरह 6 सदस्य हो रहे थे, लेकिन अबरार के वोट से सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए और इमरान माबूद एक वोट से हार गए. जुफर फारूकी चौथी बार उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बन गए. इससे पहले योगी सरकार ने उनका कार्यकाल पूरा होने के चलते दो बार 6-6 महीने का विस्तार दिया था, लेकिन हाई कोर्ट ने चुनाव कराए जाने का आदेश दिया था.