उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार को काफी तबादले किए. इन तबादलों में उन्नाव रेप कांड के दौरान जो लापरवाही दिखी थी उन अफसरों पर भी गाज गिरी. जिन 36 आईपीएस अफसरों का तबादला हुआ है, उनमें उन्नाव की एसपी का भी नाम हैं. इसके अलावा प्रदेश में जिन जिलों में दलितों के द्वारा किए गए प्रदर्शन में हिंसा हुई वहां के एसपी पर भी गाज पड़ी है.
रविवार देर शाम के तबादले मे कई ऐसे नाम हैं जिनका तबादला इसलिए किया गया क्योंकि उनकी वजह से सरकार की किरकिरी हुई थी. पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी आईपीएस के तबादले की लिस्ट में उन्नाव की एसपी पुष्पांजलि देवी का भी नाम शामिल था.
पिछले दिनों उन्नाव रेप कांड में पीड़िता की मदद न करने और विधायक कुलदीप सिंह की मदद करने के आरोप में एसआईटी ने अपनी जांच एसपी पुष्पांजलि पर उंगली उठाई थी लेकिन सरकार ने एसपी को तब हटाने के बजाए सामूहिक तबादले में हटाया.
इसके अलावा मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी का भी तबादला हुआ है. हालांकि, उनकी वजह निजी बताई जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि दलित प्रदर्शन के दौरान मेरठ में सबसे ज्यादा हिंसा हुई थी जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है.
इस तबादले में कुल 17 जिलों के कप्तान बदले गए हैं जबकि 19 आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग जगहों पर बिठाया गया है.
आपको बता दें कि 2 अप्रैल को एससी/एसटी कानून में बदलाव के खिलाफ दलितों ने भारत बंद बुलाया था. इस दौरान उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में काफी हिंसा हुई थी.