
यूपी की राजधानी लखनऊ के बाद वाराणसी को भी जल्द ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से तैयार किए अस्थायी कोविड अस्पताल की सौगात मिलने वाली है. यह अस्थायी कोविड अस्पताल वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के एम्फीथिएटर मैदान में बनकर लगभग तैयार हो चला है. 750 बेड के इस अस्थायी कोविड अस्पताल में अगले हफ्ते से कोरोना संक्रमितों को भर्ती किए जाने का अनुमान है.
जानकारी के मुताबिक इस अस्पताल में सिर्फ रेफरल केस ही लिए जाएंगे. वाराणसी और आसपास के जिलों के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है. इस अस्पताल के शुरू हो जाने के बाद कोरोना संक्रमितों, उनके परिजनों को भटकना नहीं पड़ेगा. वाराणसी के बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में 750 बेड का यह अस्थायी कोविड अस्पताल 24 घंटे मेहनत के बाद लगभग तैयार हो चला है.
बीएचयू में तैयार 750 बेड के इस अस्पताल में 250-250 बेड के तीन पंडाल बनाए गए हैं. सबसे पहले 250 बेड का आईसीयू बेड तैयार किया जा रहा है. वेंटिलेटर के साथ 250 बेड के आईसीयू का निर्माण करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है. अन्य पंडालों में भी 24 घंटे काम चालू है. हर पंडाल को एचएफएनसी, बाईपेप, आक्सीजन कंसेन्ट्रेटर और ऑक्सीजन सप्लाई लाइन की सुविधा से भी जोड़ा जाएगा.
अस्थायी कोविड अस्पताल के बारे और जानकारी देते हुए मौके पर पहुंचे वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि इस अस्पताल में अन्य अस्पतालों के रेफरल केस और गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा. सीधे मरीजों को एडमिट नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर बेड खाली रहते हैं तो बाद में मरीजों को सीधे एडमिट भी किया जा सकता है. आसपास के जिलों से भी रेफर मरीज यहां एडमिट किए जाएंगे.
जिलाधिकारी ने बताया कि तीन जोन में बनाए जा रहे 750 बेड के इस अस्पताल का 250 बेड का एक जोन वेंटिलेटर से लेकर सभी जीवनरक्षक इंतजाम होंगे. अन्य दो जोन में भी ऑक्सीजन के बेड हैं. उनपर भी एचएफएनसी और बाईपेप का इंतजाम इमरजेंसी के लिए रहेगा और यह भी 50-50 की संख्या में मोबाइल के तौर पर रहेगी. लगभग सभी व्यवस्था पूरी हो चुकी है. अब इसमें ऑक्सीजन डालकर सारे वेंटिलेटर की टेस्टिंग होनी है. एक दो दिन में सभी डॉक्टर्स रिपोर्ट करने वाले हैं और तीन से चार दिन में यह अस्पताल शुरू हो जाएगा.
कौशल राज शर्मा ने यह भी बताया कि पैरामेडिकल स्टाफ और कुछ डॉक्टर्स बीएचयू के रहेंगे. कुछ डिफेंस से रहेंगे. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ हर रोज मीटिंग हो रही है. वाराणसी के डीएम ने बताया कि एक से दो दिन में सभी आदेश पारित हो जाएंगे.