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वाराणसी: अब यूनिवर्सिटी लेवल पर होगा संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट, PM मोदी ने की थी तारीफ

पीएम मोदी ने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में हुई अंतर विद्यालयी संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट का जिक्र करते हुए इसकी तारीफ की थी. पिछले एक दशक से वाराणसी में होने वाला ये क्रिकेट टूर्नामेंट लोगों में कौतूहल और चर्चा का विषय रहता है.

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संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट
संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वाराणसी में होगा यूनिवर्सिटी लेवल का संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट
  • PM मोदी ने मन की बात में की थी तारीफ
  • पीएमओ से संपर्क के प्रयास में संस्कृत यूनिवर्सिटी

देश के संस्कृत यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में संस्कृत, वेद और शास्त्र की पढ़ाई करने वालों छात्रों के लिए ये खबर अहम है. अब वाराणसी में जल्द ही अंतर संस्कृत यूनिवर्सिटी क्रिकेट टूर्नामेंट (Inter Sanskrit University Cricket Tournament) कराया जाएगा. खुद वाराणसी के सांसद और देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट की तारीफ की थी. 

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बता दें कि पीएम मोदी ने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में हुई अंतर विद्यालयी संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट का जिक्र करते हुए इसकी तारीफ की थी. पिछले एक दशक से वाराणसी में होने वाला ये क्रिकेट टूर्नामेंट लोगों में कौतूहल और चर्चा का विषय रहता है. क्योंकि यहां क्रिकेट मैच के दौरान वेदपाठी बटुक खिलाड़ियों से लेकर कमंटेटर और अंपायर तक पारंपरिक परिधानों में रहते हैं. 

इतना ही नहीं कमेंट्री भी संस्कृत में ही होती है. तिलक, चंदनधारी और शिखाधारी खिलाड़ी पारंपरिक धोती-कुर्ता में संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट में चौके-छक्के लगाते नजर आते हैं. 

पिछले एक दशक से चली आ रहे इस अनोखी संस्कृत क्रिकेट टूर्नामेंट को उस वक्त और पंख लग गया जब खुद पीएम मोदी ने संस्कृत और संस्कृति की तारीफ करने के दौरान अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में वाराणसी के अनूठे क्रिकेट टूर्नामेंट की तारीफ में कसीदे पढ़े. पीएम मोदी के उत्साहवर्धन के बाद अब संस्कृत क्रिकेट प्रतियोगिता को अंतर विद्यालयी स्तर से उठाकर अंतर यूनिवर्सिटी स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है.   

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इस बारे में संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर राजाराम शुक्ल ने बताया कि पिछले कई सालों से यूनिवर्सिटी के मैदान में क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है. जिसका आयोजन पूरी गुरुकुलीय पद्धति से होता है. वेश, परिधान, शिखा सूत्रधारी और कमेंट्री भी संस्कृत में ही होती है. अंपायर भी संस्कृत वेश में ही रहते हैं. यह विश्व में भारत की संस्कृति को प्रदर्शित और बढ़ावा देने का प्रयास है. 

कुलपति ने कहा कि इस टूर्नामेंट में यूनिवर्सिटी पूरा सहयोग करता है, लेकिन अब इसे और बड़े स्तर पर करने का प्रयास है. देशभर में 18 संस्कृत यूनिवर्सिटी हैं, हम उनसे भी संपर्क कर रहे हैं. आगे पीएमओ से भी संपर्क के प्रयास में हैं. 

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