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कोरोना वायरस की महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू हुआ था. तब परिवहन के साधनों की रफ्तार थम गई थी, पर्यटन स्थलों को भी बंद कर दिया गया था. अब धीरे-धीरे अनलॉक किए जाने की प्रक्रिया चल रही है. ऐसे में देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी का भ्रमण करने पहुंचने वाले सैलानियों और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए अच्छी खबर है.
वाराणसी जिले में भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली सारनाथ को सैलानियों के लिए खोल दिया गया है. देश में लॉकडाउन लागू होने के साथ ही सारनाथ का स्मारक भी बंद कर दिया गया था. करीब छह महीने बाद सारनाथ स्मारक के द्वार फिर आम नागरिकों के लिए फिर से खुल गए हैं. सोमवार को सबसे पहले उत्खनित स्थल सारनाथ खोला गया.
सारनाथ स्तूप, भगवान बुद्ध का मंदिर और सारनाथ म्यूजियम अभी भी बंद हैं. सारनाथ स्मारक में एंट्री के पहले सैनिटाइजेशन का इंतजाम किया गया है. मास्क भी अनिवार्य है. सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जा रहा है. पहले दिन सैलानियों और उत्खनित स्थल सारनाथ के एंट्री पॉइंट पर खड़े कर्मचारियों के बीच नोकझोंक की कुछ घटनाएं भी हुईं.
बता दें कि सारनाथ को उस वक्त खोला गया है, जब कोरोना संक्रमितों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. वाराणसी में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 123 मामले सामने आए हैं. वाराणसी में अब तक कोरोना संक्रमितों की तादाद 9186 पहुंच चुकी है. कोरोना के कारण वाराणसी में अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, राहत की बात यह है कि एक्टिव केस 1643 ही हैं.