विकास दुबे एनकाउंटर मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय 150 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी की जांच कर सकता है. इस पूरे मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने यूपी सरकार के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा है. सरकार को SIT ने विस्तृत रिपोर्ट दी है, जिसमें कुल नौ बिंदुओं को आधार बनाया गया है.
कानपुर में जुलाई में पुलिस एनकाउंटर में विकास दुबे की मौत हुई थी, जिसके बाद तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था. SIT ने यूपी सरकार से इस मामले में कुल 90 पुलिसकर्मियों और अन्य डिपार्टमेंट के अधिकारियों पर एक्शन की मांग की है.
एसआईटी का कहना है कि इन सभी अधिकारियों ने विकास दुबे को अवैध संपत्ति बनाने में मदद की. SIT ने अपनी 3100 पेज की रिपोर्ट में कहा है कि इन सभी अधिकारियों पर एक्शन लिया जाना चाहिए और कानून के तहत सजा देनी चाहिए.
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दरअसल, इस रिपोर्ट को अक्टूबर में ही जमा कर दिया गया था. लेकिन हाल ही में यूपी सरकार ने इसे रिसीव किया है. जिसमें दावा किया गया है कि स्थानीय अधिकारियों ने विकास दुबे के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया, फर्जी सिम, हथियार, पासपोर्ट, नकली डॉक्यूमेंट तैयार करने में विकास दुबे की मदद की.
ऐसे में गैंग को तैयार करने में अधिकारियों का हाथ है, जिनपर एक्शन जरूरी है. इसके अलावा एसआईटी ने करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति पर ईडी के एक्शन की मांग की है. बता दें कि यूपी सरकार पहले भी SIT की सिफारिश पर कई पुलिसकर्मियों पर एक्शन ले चुकी है.
विकास दुबे ने कानपुर के बिकरु गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ की थी, जिसमें कई पुलिसकर्मियों की जान चली गई थी. करीब एक हफ्ते की तलाश के बाद विकास दुबे को मध्य प्रदेश में पकड़ा गया, बाद में वापस कानपुर लाया गया. लेकिन कानपुर सीमा पर ही उसने पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश की, तभी एनकाउंटर में उसकी मौत हो गई.