बीएचयू में शुक्रवार को दो छात्रावासों के छात्रों के बीच झड़प होने के बाद पांच छात्रावासों को खाली करने का आदेश दिया गया है. विश्वविद्यालय में छात्र संघ बहाल करने की मांग कर रहे छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच पहले से ही गतिरोध कायम रहने के चलते यह झड़प हुई.
पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह ब्रोचा और बिड़ला छात्रावासों के छात्रों के दो गुटों के बीच झड़प हुई. इसके बाद कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तोड़फोड़ की.
पुलिस अधिकारियों को विश्वविद्यालय में हिंसा की खबर मिलते ही डीआईजी (वाराणसी रेंज) एस के भगत, जिलाधिकारी प्रांजल यादव, एसएसपी जोगेंद्र कुमार और आईजी (वाराणसी जोन) अमरेंद्र कुमार घटनास्थल की ओर रवाना हो गए.
एस के भगत ने बताया कि पुलिस ने बीएचयू के बिड़ला और अन्य छात्रावासों के करीब 35-40 छात्रों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. उन्हें कल और आज हुई घटनाओं में शामिल होने के संदेह में हिरासत में लिया गया है. भगत ने कहा कि ऐसी सूचना है कि कुछ बाहरी लोग भी इन छात्रावासों में रह रहे थे और विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा भड़काने का प्रयास कर रहे थे.
भगत ने कहा, 'हमने बीएचयू के पांच छात्रावासों बिड़ला ए, बी और सी तथा राजा राम मोहन राय और लाल बहादुर शास्त्री के छात्रों को अनिश्चितकाल के लिए अपने कमरे खाली करने को कहा है. यह कुछ समय के लिए एहतियाती कदम है ताकि विश्वविद्यालय में हिंसा पर काबू पाया जा सके और किसी अप्रिय घटना की पुनरावृति नहीं हो.' विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस और पीएसी के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं.
बीएचयू के कुलपति राजीव संगल नेकहा कि पूरी घटना की जांच कराई जाएगी और वह चाहेंगे कि इसकी जांच कोई रिटायर्ड जज करें. संगल ने कहा कि घटना में मुख्य रूप से कुछ बाहरी लोग शामिल थे और उन्होंने बीएचयू के छात्रों को भड़काने में प्रमुख भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि पांच छात्रावासों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है.