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बांदा में वायरल फीवर का कहर, एक दिन में सामने आए 400 मरीज; अस्पतालों में लगी लाइनें

जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं, सभी सीएचसी एवं पीएचसी में कुल मिलाकर 70 मरीज भर्ती हो चुके हैं. अभी तक जिले में 3200 मरीज वायरल फीवर की चपेट में आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि गुरुवार को 367 मरीज वायरल बुखार के जिलों के सीएचसी व पीएचसी में आए हैं.

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बांदा के अस्पतालों में लंबी लंबी लाइनें नजर आ रही हैं.
बांदा के अस्पतालों में लंबी लंबी लाइनें नजर आ रही हैं.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • तेजी से बढ़ रहे वायरल फीवर के मरीज
  • बांदा में अब तक 4000 से ज्यादा केस आए सामने

उत्तर प्रदेश के बांदा में वायरल फीवर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. यहां लगातार अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है.  जिला मलेरिया अधिकारी और सीएमएस ने बताया कि पूरे जिले में गुरुवार को लगभग 400 मरीज आए. इसमें से 51 बच्चे हैं. अब तक बांदा में 4000 मरीज वायरल फीवर की चपेट में आ चुके हैं. यहां अस्पतालों में लंबी लंबी लाइनें लगी हुई हैं. 

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जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के मरीज बढ़ रहे हैं, सभी सीएचसी एवं पीएचसी में कुल मिलाकर 70 मरीज भर्ती हो चुके हैं. अभी तक जिले में 3200 मरीज वायरल फीवर की चपेट में आ चुके हैं. उन्होंने बताया कि आज 367 मरीज वायरल बुखार के जिलों के सीएचसी व पीएचसी में आए हैं, जिसमें 45 बच्चे भी शामिल हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में किसी की मौत वायरल फीवर से नहीं हुई है. 

जिले में डेंगू के केस भी बढ़े

बताया जा रहा है कि जिले में 3-4 लोगों की मौत बुखार से हुई है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि इनकी मौत की वजह वायरल फीवर या डेंगू नहीं है. राजकीय मेडिकल कॉलेज में डेंगू के 7 केस सामने आए हैं. इनमें से एक बच्चे समेत 3 मरीज भर्ती हैं. 

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जिला अस्पताल में 22 मरीज भर्ती

जिला अस्पताल के सीएमएस ने बताया कि इन दिनों मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. हर रोज ओपीडी में 1000 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं. इनमें से ज्यादातर मरीज वायरल फीवर के हैं. उन्होंने बताया अभी भी जिला अस्पताल में 22 मरीज भर्ती हैं, जिसमें 6 बच्चे भी शामिल हैं. हालांकि, वायरल फीवर से अभी तक किसी की मौत नही हुई है. 

स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि स्थिति सामान्य है. सभी को इलाज मिल रहा है. लेकिन अस्पताल में लगी लंबी लंबी लाइनें कुछ और हाल बयां कर रही हैं. मरीजों के परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज नहीं मिल रहा है. कभी डॉक्टर समय से नहीं पहुंच रहे हैं. तो ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ रात में दरवाजा लगाकर सोते हैं. 

इनपुट- सिद्धार्थ गुप्ता

 

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