नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने में जुटी ममता बनर्जी ने आज एक बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है की बीजेपी के नेताओं को इसके बारे में पहले से पता था और उन्होंने अपना कालाधन समय रहते ठिकाने लगा लिया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के नेताओं ने नोट बंदी लागू होने के बाद दिल्ली के अशोक रोड़ पर जमीन खरीदी है. ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दूसरों के बैंक खातों का हिसाब मांगने से पहले खुद अपने बैंक अकाउंट का और पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के बैंक अकाउंट का ब्यौरा पेश करना चाहिए.
नहीं शामिल हुए अखिलेश यादव
ममता बनर्जी मंगलवार को लखनऊ में नोट बंदी के खिलाफ धरना देने के लिए लखनऊ आई थी. लखनऊ में उनके कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के तमाम कार्यकर्ता शामिल हुए और
इक्का-दुक्का मंत्री भी उनके साथ मंच पर आए. लेकिन तमाम अटकलों के बावजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नोट बंदी के खिलाफ ममता बनर्जी के धरने में शामिल होने के लिए नहीं आए.
समाजवादी पार्टी के सहयोग से धरना स्थल पर भीड़ जुट गई और ममता बनर्जी ने नोट बंदी के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए.
मोदी के इस फैसले को ब्लैक इमरजेंसी करार देते हुए ममता ने कहा की सरकार इसका विरोध करने वाले नेताओं को डरा धमका रही है. और उनको सीबीआई जांच का डर दिखा रही है. लेकिन चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह जोरदार तरीके से इसका विरोध करती रहेंगी और अगर केंद्र सरकार में हिम्मत है तो उन्हें जेल भेज कर दिखाएं.
लोगों के पास रोजमर्रा खर्च के पैसे नहीं
समाजवादी पार्टी भी नोट बंदी के फैसले का विरोध कर रही है लेकिन ममता बनर्जी के तेवर काफी उग्र हैं. लखनऊ के बाद वह पटना और फिर भुवनेश्वर जाकर नोट बंदी के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाली हैं. लखनऊ में ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री कैशलेस इकोनॉमी की बात कर रहे हैं और गरीबों को प्लास्टिक मनी इस्तेमाल करने की सीख दे रहे हैं जबकि उनके पास रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं. मोदी पर हमला बोलते हुए ममता ने कहा की बात बात में उनकी आंखों में आंसू जरूर आ जाते हैं लेकिन वह गरीबों के आंसू की कीमत नहीं समझते. ममता ने कहा कि जब तक नोट बंदी का फैसला वापस नहीं होता तब तक वह इसके खिलाफ मुहिम चलाती रहेंगी.