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उत्तर प्रदेश में प्रयागराज (इलाहाबाद) में 10 जून को हुई हिंसा के 'मास्टरमाइंड' मोहम्मद जावेद उर्फ जावेद पंप का दो मंजिला बंगला रविवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. जिला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में 3 जेसीबी की मदद से दो मंजिला बंगले को जमींदोज किया गया. बीते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शहर के अटाला और करेली इलाके में पुलिस पर पथराव की घटना के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया.
अब इस बात की चर्चा है कि आखिर इस पथराव की वारदात के अहम किरदार मोहम्मद जावेद का नाम आखिर जावेद पंप क्यों पड़ा? इसके पीछे की वजह यह है कि मोहम्मद जावेद कभी टुल्लू पंप सुधारने का काम करता था. इसी के चलते धीरे-धीरे जावेद के नाम के पीछे टुल्लू पंप जुड़ गया. अब लोग उसे जावेद पंप के नाम से ही पुकारने लगे.
5 करोड़ का बंगला
जावेद पंप के बंगले की कीमत करीब 5 करोड़ से अधिक थी. तलाशी के दौरान बंगले से 2 अवैध हथियार, कई कारतूस, 1 बड़ा बांका (चाकू) और एक आपत्तिजनक कागज मिला है. इसी कागज पर अदालत के बारे में अभद्र टिप्पणी की गई है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में अलग से सख्त कार्यवाही की जाएगी.
नाना ने गिफ्ट किया था घर
जावेद पंप की बेटी सुमैया ने Aajtak से बातचीत में दावा किया कि घर प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने जमींदोज किया, वो पिता मोहम्मद जावेद के नाम नहीं था. दरअसल उस घर को मां के पिता यानी नाना ने गिफ्ट किया था. सरकारी दस्तावेजों में वह मां के नाम से है. मेरे पिता की कमाई से न तो जमीन खरीदी गई थी, न ही मकान बना था. सुमैया इन दिनों प्रयागराज से ही पीएचडी कर रही हैं और जेएनयू से पढ़ चुकी हैं.
JNU में भी प्रदर्शन
वहीं, जावेद पंप की दूसरी बेटी आफरीन फातिमा दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पढ़ाई कर रही हैं. आफरीन जेएनयू में स्टूडेंट यूनियन की काउंसलर हैं. आफरीन ने एंटी CAA प्रोटेस्ट में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. शाहीनबाग में आंदोलन के दौरान आफरीन फातिमा जेएनयू से लेकर इलाहाबाद तक सक्रिय रही थीं. JNU में रविवार देर शाम जावेद की बेटी आफरीन फातिमा के समर्थन में प्रदर्शन हुआ.
सियासी कनेक्शन
जावेद पंप का सियासी रिश्ता भी सामने आया है. वह वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया का प्रदेश महासचिव भी है. बता दें कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के छात्र रह चुके और दिल्ली 2020 हिंसा के साजिशकर्ताओं में से एक उमर खालिद के पिता एसक्यूआर इल्यास (SQR Ilyas) वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष हैं. इल्यास स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के एक्टिव सदस्य रह चुके हैं. सिमी पर भारत सरकार प्रतिबंध लगा चुकी है.
Aajtak के पास दिल्ली दंगों की चार्जशीट का हिस्सा, जिसमें वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया और उमर खालिद के पिता SQR Ilyas का जिक्र किया गया है.
10 फरवरी 2020 को जंतर-मंतर पर वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के विरोध प्रदर्शन में उमर खालिद के पिता ने जहांगीरपुरी से कैसे बांग्लादेशी महिलाओं को बस में भरकर बुलवाया और शाहीनबाग व जाफराबाद पहुंचवाया, इसका पूरा जिक्र है.
(अरविंद मिश्रा के इनपुट के साथ)