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पहले लड़की के बदले लड़की और फिर गैंगरेप

आंख के बदले आंख, हाथ के बदले हाथ इस तरह के तालिबानी कानून से तो आप सब वाकिफ होंगे ही. लेकिन क्‍या आपको पता है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले भारत में भी इस तरह के कानून की तामील होती है.

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आंख के बदले आंख, हाथ के बदले हाथ इस तरह के तालिबानी कानून से तो आप सब वाकिफ होंगे ही. लेकिन क्‍या आपको पता है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र कहे जाने वाले भारत में भी इस तरह के कानून की तामील होती है. भारत में पंचायतें अक्‍सर इस तरह के तालिबानी फरमान सुनाते रहती हैं. ताजा मामला तो इससे भी गंभीर है, क्‍योंकि यहां न तो आंख के बदले आंख मांगी गई और न ही हाथ के बदले हाथ लेने का फरमान सुनाया गया. बल्कि पंचायत ने बेटी के बदले बेटी दिए जाने का आदेश दिया. बात यहीं तक रहती तो बात कुछ होती, लेकिन पंचायत के इस फरमान को अमल में भी लाया गया और इस तरह से एक और बेटी की बदकिस्‍मती की दास्‍तान लिख दी गई.

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मामला है उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थाना ककरौली क्षेत्र के गांव कम्हेडा का है. यहां की पंचायत के तालिबानी फरमान ने एक युवती मुस्सविस जहां की किस्‍मत का फैसला कुछ इस तरह सुनाया कि उसकी जिन्दगी किसी जहन्नुम से भी बदतर हो गई. दरअसल मुस्सविस जहां की बदकिस्मती की कहानी फरवरी 2013 से शुरू हुई.

इसी महीने पीड़ित युवती का भाई अजीम गांव की ही एक युवती गुलसिदा से प्रेम कर बैठा और यही नहीं उन दोनों ने ऑनर किलिंग के डर घर से भाग कर शादी रचा ली. इस शादी से गुलसिदा के परिजनों ने गुलसिदा की बरामदगी के लिए 25 फरवरी 2013 को गांव में मोजिज लोगों की एक पंचायत बुलाई. पंचायत ने अजीम के परिजनों पर दबाव बनाते हुए अपने फैसले में 70 हजार जुर्माना और लड़की के बदले अजीम की बहन मुस्सविस जहां का निकाह गुलसिदा के भाई मोहम्‍मद शादाब के साथ कराने का फरमान सुना डाला. पंचायत के इस फरमान को अमलीजामा भी पहनाया गया.

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मुस्सविस जहां दुल्हन बनकर उस परिवार में पहुंची तो ससुराल के जुल्मों का सिलसिला शुरू हो गया. ससुराल में एक तरफ तो मुस्सविस जहां को प्रताड़ित किया जाने लगा और दूसरी तरफ 26 मार्च 2013 को उसके भाई के खिलाफ थाने में लड़की भगाने का मामला दर्ज करा दिया. इस मामले में पुलिस ने गुलसिदा के बयान दर्ज कराये, तो गुलसिदा ने बयान अपने पति और मुस्सविस जहां के भाई के पक्ष में दिया और उसी के साथ चली गयी.

इसके बाद मुस्सविस जहां का आरोप है कि उसके ससुरालियों ने उसके साथ मार पीट की. उसके नंदोई अंसार, दो जेठ इरशाद और शहजाद 20 जुलाई को घर पर आये और रात में इन तीनों ने उसके साथ बलात्कार किया. जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कहा गया कि हमने तुम्हारे परिवार से हमारी लड़की भागने का बदला लिया है, इसके बाद पीड़ित युवती ने किसी तरह अपने घर पंहुचकर आप बीती सुनाई. इसके बाद पीड़ित युवती ने इंसाफ की खातिर अपने ससुरालियो पर थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कराते हुए इंसाफ की गुहार लगाईं है. पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है.

मुस्सविस बताती हैं, ‘मेरे भाई अजीम ने फतेह मोहम्मद की लड़की गुलसिदा से कोर्ट मैरिज थी. इसके बाद लोगों ने परिवार पर दबाव दिया कि लड़की के बदले लड़की दे दो नहीं तो तुम्हें जान से मार देंगे. मेरी आम्मी ने मेरी रुखसती कर दी और 75 हजार रुपये भी दिये. बाद में ससुराल के लोगों ने परेशान करना शुरू कर दिया. 20 जुलाई को मेरा ननदोई और दोनों जेठ रात को मेरे कमरे में घुस आये और मेरे साथ बलात्‍कार किया. जब मैंने अपनी सास से इस बारे में कहा तो उन्‍होंने कहा कि गुलसिदा का बदला लेने के लिए तुझसे निकाह किया गया था.’

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मुजफ्फरनगर के एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि थाना ककरोली क्षेत्र की एक महिला उनके ऑफिस में आई थी, उसने बताया की उसके भाई ने किसी लड़की से अपनी मर्जी से शादी कर ली थी. उस समय ये फैसला हुआ था कि मामले में कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की जाएगी और दोनों पक्षों में आपसी समझौता हुआ और लड़के की बहन की शादी लड़की के भाई से कर दी गयी. अब लड़की ने ये आरोप लगाया है कि उसके नंदोई और दो जेठ ने उसके साथ बलात्कार किया है. इस मामले में नियमानुसार मेडिकल करा कर मामला दर्ज कर लिया गया है.

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