उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार पिछले चार सालों में विकास का दावा करती रही है. यहां के जिन गांवों में सालों से बिजली नहीं पहुंची थी, उनको राज्य सरकार ने चार साल में रौशन कर दिया है. राज्य सरकार ने न सिर्फ बिजली पहुंचाई बल्कि ग्रामीण इलाकों में तय रोस्टर के मुताबिक बिजली की सप्लाई भी सुनिश्चित की है. इन गांवों को 18 से 22 घंटे और शहरों को 24 घंटे बिजली सप्लाई के रोस्टर को जमीन पर उतारा.
राज्य सरकार का कहना है कि चार साल में सौभाग्य योजना के तहत 1.4 लाख से अधिक राजस्व ग्राम एवं 2.84 लाख अधिक मजरों में रोशनी पहुंचाई. शहरों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में ट्रांसफार्मर मरम्मत का कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया. यहां सौभाग्य योजना के तहत निशुल्क बिजली कनेक्शन देकर प्रदेश के 1.38 करोड़ से अधिक घरों का अंधेरा दूर किया गया. सर्वाधिक बिजली कनेक्शन देने के मामले में उत्तर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर रहा है. बेहतर बिजली सप्लाई एवं बेहतर वितरण व्यवस्था के लिए राज्य में 7786.52 किलोमीटर 33 केवी लाइनों का निर्माण किया गया.
बताया गया कि 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए राज्य सरकार ने अफसरों की नाइट पेट्रोलिंग व्यवस्था की शुरुआत की. ताकि तकनीकी गड़बडि़यों को स्थानीय स्तर पर तत्काल ठीक कर बिजली सप्लाई दुरुस्त की जा सके. भीषण गर्मी और उमस के बावजूद राज्य सरकार शहर और ग्रामीण इलाकों को भरपूर बिजली सप्लाई करने में सफल रही. 7 जुलाई को सर्वाधिक 512.285 मिलियन यूनिट बिजली सप्लाई कर यूपीपीसीएल ने नया रिकार्ड कायम किया. बिजली कनेक्शन की आन लाइन सुविधा के साथ ही बिलिंग और बिजली से जुड़ी अन्य चीजों की प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाया गया. सभी गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए. इसके अलावा गरीब घरों को बिजली की पहली 100 यूनिट पर केवल 3 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर लागू की गई.
चार साल में ऊर्जा के क्षेत्र में किए गए कार्य: सरकार
- 1.38 करोड़ से अधिक घरों को निशुल्क बिजली कनेक्शन.
- 1.4 लाख राजस्व ग्राम एवं 2.84 लाख मजरों तक बिजली पहुंची.
- ग्रामीण अंचलों में लोगों को अब 18 से 22 घंटे और शहरों को 24 घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति.
- शहर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में ट्रांसफार्मर मरम्मत का कार्य हो रहा है.
- प्रदेश के हर घर में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी.
- 1,535 मेगावाट के 7,500 करोड़ के सौर ऊर्जा प्रस्ताव स्वीकृत.
- 7786.52 सर्किट किलोमीटर 33 केवी लाइनों का निर्माण किया गया है.
- राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता में 3978 मेगावाट की हुई बढ़ोत्तरी.
- गन्ना मिलों द्वारा 1500 करोड़ रुपए की बिजली का उत्पादन किया जा रहा.
- सिंचाई के लिए 1.21 रुपये, गरीब परिवारों को 3 रुपये और ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ता को 3.35 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली.