उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीएम बनने के बाद अपने पहले बुंदेलखंड दौरे पर हैं. योगी कुछ देर पहले ही झांसी पहुंचे. योगी के काफिले के दौरान कई गाड़ियों पर अभी भी लाल बत्ती लगी हुई थी. आपको बता दें कि पीएम मोदी ने बुधवार को ही लाल बत्ती कल्चर को बंद करने का फैसला किया था.
सुबह ही की थी तारीफ
आपको बता दें कि गुरुवार सुबह ही योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल बत्ती कल्चर को खत्म करने के फैसले की तारीफ की थी. योगी ने ट्वीट किया था कि ' लालबत्ती हटाने के केन्द्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले का हम स्वागत करते हैं, हर भारतीय VIP हैं. लक्ष्य अंत्योदय प्रण अंत्योदय पथ अंत्योदय.' गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार को सभी नेताओं, मंत्रियों की गाड़ी से लाल बत्ती हटाने का आदेश दिया है. 1 मई से पूरे देश में लाल बत्ती पर रोक लग गई है.
मोदी बोले- पहले उठाना था कदम
फैसले के बाद से केंद्रीय मंत्रियों ने तुरंत लाल बत्ती हटाना शुरू कर दिया. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस फैसले पर ट्वीट किया कि हर भारतीय खास और VVIP हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्विटर पर अपने एक प्रशंसक के ट्वीट का जवाब दे रहे थे. इसी में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'ऐसे प्रतीक नए भारत की भावना से कटे हुए हैं.' ऐसे ही एक अन्य ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह काफी पहले खत्म हो जाना चाहिए था. खुशी है कि आज एक ठोस शुरुआत हुई है.' उन्होंने कहा, 'हर भारतीय खास है. हर भारतीय वीआईपी है.'
कई मंत्रियों और नेताओं ने हटाई बत्ती
पीएम मोदी के इस आदेश के बाद देशभर में कई नेताओं ने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा दी है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, महेश शर्मा, मेनका गांधी समेत कई केंद्रीय मंत्री ने इस फैसले का पालन किया तो वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत कई अन्य नेताओं ने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटा ली है.
नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी का कहना है कि जगह-जगह पर मंत्री लाल बत्ती लेकर ट्रैफिक से निकल जाते थे. इस बात को लेकर लोगों में गुस्सा था और जो यह VIP कल्चर था और रेडलाइट से जुड़ा हुआ था. जो भी इसका पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. यह बहुत अच्छा निर्णय है. इस निर्णय से जनता में नेताओं की छवि सुधरेगी. राजनेताओं की सभी नेताओं को सब लोगों को एक जैसा दिखना चाहिए. सबको लाइन में लगना चाहिए. विदेशों में कई मंत्री खुद गाड़ी चलाकर जाते हैं. VIP कल्चर खत्म करने में ऐसे निर्णय की बहुत बड़ी आवश्यकता थी.
नियमों में होगा बदलाव
अब सिर्फ एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी इमरजेंसी सेवाओं में लगी गाडियां ही नीली बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगी. ये फैसला खुद प्रधानमंत्री मोदी ने लिया और इसके बारे में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जानकारी दी. इस फैसले को लागू करने के लिए सेन्ट्रल मोटर वेहिकल रूल 1989 में बदलाव किया जाएगा. इसी नियम के तहत केंद्र सरका र और राज्य सरकारें वीआईपी को गाडियों के ऊपर लाल और नीली बत्ती लगाने की अनुमति देती हैं. इस नियम का रूल का 108 (1) (3) कहता है कि (iii) a vehicle carrying high dignitaries as specified by the Central Government or the State Government, as the case may be, from time to time; यानि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें ये तय करेंगी कि किन गाडियों के ऊपर लाल और नीली बत्ती लग सकती हैं.