वक्फ बोर्ड के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी नेता आजम खां व उनकी पत्नी के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है. यूपी सरकार सेंट्रल वक्फ काउंसिल की रिपोर्ट के आधार पर यह एक्शन ले सकती है.
PWD की 42 पेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि आजम खान और उनके परिवारजनों ने रामपुर में कब्रिस्तान व ईदगाह की भी जमीन पर भी कब्जा किया था, इसके साथ ही उन्होंने 1 रुपये की सालाना लीज़ पर सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान पर वक्फ बोर्ड में घोटाले के गंभीर आरोप लगाए थे. कल्बे जव्वाद के मुताबिक सिर्फ एक शहर में वक्फ बोर्ड की जमीनों में 400 करोड़ का घोटाला हुआ है. बताया जा रहा है सामने आए दस्तावेज साफ इशारा कर रहे हैं कि वक्फ बोर्ड में जबरदस्त बंदरबांट हुई है. कल्बे जव्वाद ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है.
कल्बे जव्वाद ने लगाये थे आरोप
कल्बे जव्वाद का कहना था कि अगर आजम खान ईमानदा र होते तो वक्फ बोर्ड में बेईमानियां नहीं होतीं. शिया धर्मगुरु ने आरोप लगाते हुए कहा, "मेरठ में जो बहुत बड़े-बड़े औकाफ बिकवाये हैं उसके कागजात हमारे पास मौजूद हैं. इनकी यूनिवर्सिटी की सुन्नी वक्फ में हजारो फाइलें जला दी गई, उसकी सुनवाई नहीं हुई. हजारों वक्फ खत्म कर दिए गए उनकी फाइलें जला दी गईं."
मंत्री ने भी भरी थी हामी
यूपी के अल्प संख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा भी मानते हैं कि वक्फ बोर्ड की जमीनों में घोटाला हुआ है. उनके मुताबिक उनके पास कुछ चिट्ठियां आई थीं जिनके पास उन्होंने जांच करवाई तब मामला सामने आया. आजतक से हुई बातचीत में मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सकता है. आपको बता दें कि मोहसिन रजा ने ही ये फाइलें उजागर की थीं.