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जिला पंचायत चुनाव: पहले BJP में जाने की खबर फिर अपहरण का दावा, RLD ने फंसाया बागपत सीट पर पेच

शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि नामांकन शुरू होने से पहले ही आरएलडी प्रत्याशी ममता जय किशोर ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. इस खबर ने जैसे ही जोर पकड़ा, आरएलडी खेमे में खलबली मच गई और बीजेपी में जश्न का माहौल दिखने लगा.

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ममता किशोर को आरएलडी ने बागपत से बनाया था जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार
ममता किशोर को आरएलडी ने बागपत से बनाया था जिला पंचायत अध्यक्ष पद का उम्मीदवार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बागपत सीट पर चरम पर पहुंची सियासत
  • जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कांटे की टक्कर
  • BJP और RLD दोनों कर रहे जीत के दावे

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को यूपी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताया गया था. इस चुनाव के जरिए चुनावी हवा को परखने की कोशिश की जा रही थी. लेकिन चुनाव से पहले ही कई सीटों पर तो बीजेपी के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो लिए, हालांकि कुछ सीटें ऐसी रहीं जहां पर पेच फंसता भी दिख रहा और मुकाबला भी कड़ा है. बागपत में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है जहां पर  RLD और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है.

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शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि नामांकन शुरू होने से पहले ही राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) प्रत्याशी ममता जय किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ज्वाइन कर ली है. इस खबर ने जैसे ही जोर पकड़ा, आरएलडी खेमे में खलबली मच गई और बीजेपी में जश्न का माहौल दिखने लगा. उस समय तक बीजेपी प्रत्याशी बबली देवी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन कर दिया. वे तो पूरी उम्मीद लगाए बैठी थीं कि वे निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगी, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन के बाद पूरा खेल बदल गया. 

बागपत सीट पर कांटे की टक्कर

नामांकन के बाद आरएलडी प्रत्याशी और उनके पति आरएलडी कार्यालय पहुंचे और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी ज्वाइन करने की बात का खंडन कर दिया. आरएलडी प्रत्याशी के पति ने सांसद बागपत सत्यपाल सिंह पर अपहरण कराने और जबरन बीजेपी ज्वाइनन कराने का आरोप भी लगा दिया. इसके बाद वे आरएलडी कार्यकर्ताओं और जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी के प्रस्तावकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और आरएलडी जिला पंचायत अध्यक्ष पद प्रत्याशी के लिए नामांकन कर दिया.

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अब बागपत से आरएलडी ने जीत का दावा किया है .आरएलडी नेताओं का कहना है कि उनके पास खुद के जीते हुए 8 जिला पंचायत सदस्य हैं जबकि 4 सदस्य सपा के हैं. इसलिए कुल मिलाकर 12 सदस्य उनके पास हैं जो जीत के लिए काफी हैं. लेकिन आरएलडी के दावों में कितना दम है ये आगामी चुनाव में साफ हो जाएगा.

बागपत पर आरएलडी का दबदबा

जानकारी के लिए बता दें कि बागपत जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर पिछले 15 सालों से आरएलडी का कब्जा रहा है. बीजेपी की वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष रेणु धामा भी आरएलडी के टिकट से चुनाव जीतकर अध्यक्ष बनी थीं. उससे पहले आरएलडी के टिकट पर ही योगेश धामा जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे. लेकिन बीजेपी सरकार आने के बाद आरएलडी नेता रेणु धामा और योगेश धामा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली और बाद में योगेश धामा बागपत विधानसभा से विधायक बन गए.
 

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