अखाड़ा परिषद के महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. आज प्रयागराज उन्हें भूमि समाधि दी जाएगी. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के तेरह पेज के कथित सुसाइड नोट के आधार पर महंत की संदिग्ध मौत को आत्महत्या करार दिया जा रहा है और खुदकुशी के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गए हैं नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि, लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और पुजारी के बेटे संतोष तिवारी. लेकिन सुसाइड लेटर सामने आने के बावजूद सवाल कम नहीं हो रहे, इन्हीं सवालों को लेकर आनंद गिरि के वकील इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गए हैं. देखें क्या बोले आनंद गिरि के वकील.
Akhil Bharatiya Akhara Parishad president Mahant Narendra Giri claimed in his suicide note that he was being blackmailed by his disciple Anand Giri. The suicide note recovered by Prayagraj Police names Anand Giri as one of the accused pushing him to the extent of dying by suicide. The police have arrested Anand Giri and Adhya Giri. Anand Giri's advocated has raised several questions on the suicide note.