आसाराम के लिए बुरा दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, अब हरिद्वार आश्रम पर भी प्रशासन की नजरें टेढी हो गई हैं. हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने हरिद्वार स्थित आसाराम के आश्रम को अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी कर दिया है. हरिद्वार में ही आसाराम के नाम पर खड़े किए गए बहुमंजिला अपार्टमेंट्स को भी प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर दिया है. प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि आश्रम की और से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो आश्रम और अपार्टमेंट्स दोनों को गिराने की कारवाई की जाएगी. वहीँ दूसरी ओर आसाराम के आश्रम के संचालकों ने अपने आश्रम से सटी राजाजी पार्क की कई बीघा जमीन पर भी कब्जा किया हुआ है.
हरिद्वार में भी आसाराम जमीनों पर अवैध कब्जों और अवैध निर्माण के मामलों में घिरते नजर आ रहे हैं. बाबा ने हरिद्वार में हरिपुरकलां में स्थित आश्रम में हरिद्वार विकास प्राधिकरण से अनुमति लिए बिना ही जमकर अवैध निर्माण कर डाला. हरिद्वार का ये पूरा आश्रम ही बिना अनुमति के बना दिया गया. जब तक आसाराम का रुतबा था, तो प्रशासन को कहीं भी अवैध निर्माण नजर नहीं आया पर अब आसाराम की मुसीबतें बढी़ तो हरिद्वार विकास प्राधिकरण को भी कारवाई करने की याद आ गई.
हरिद्वार विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रणजीत सिन्हा ने कहा कि उनके आश्रम के बारे में बता दिया गया था, उसका मैप स्वीकृत नहीं है. जब वह बनाया गया था, तो उसका लैंड़ यूज भी कृषि था. बिना लैंङ यूज चेंज किए उन्होंने आश्रम का निर्माण किया है. कम्पाउडेबल नहीं है तो निर्माण गिराने की कार्रवाई नियमानुसार बनेगी.
यही नहीं हरिद्वार में आसाराम के नाम पर ही एक बहुमंजिला अपार्टमेंट भी बना कर खड़ा कर दिया गया. इस अपार्टमेंट के निर्माण के लिए भी प्राधिकरण से इजाजत नहीं ली गई. अब प्राधिकरण ने इस अपार्टमेंट के अवैध निर्माण पर भी सख्त रवैया अपनाते हुए नोटिस जारी कर निर्माणकर्ताओं से जबाब मांगा है. रणजीत सिन्हा, कहते हैं यहां आसाराम का एक आश्रम हैं. उन्हीं के लोगों द्वारा एक अपार्टमेंट भी बनाया गया. दोनों में से किसी का नक्शा पास नहीं है.
नेशनल पार्क में भी किया अवैध कब्जा
उधर आसाराम ने अपने आश्रम से सटी राजाजी नेशनल पार्क की कई बीघा जमीन पर भी कब्जा कर लिया, लेकिन पार्क प्रशासन ने आसाराम के आश्रम के खिलाफ काई कार्रवाई करना तो दूर एक नोटिस तक जारी नहीं किया. राजाजी पार्क प्रशासन अब भी इस मामले में आंखें मूंदे बैठा है. इसको लेकर यंहा के ग्रामीण आक्रोशित हैं और उनका कहना है कि यह गंभीर मसला है और इस पर जांच होनी चाहिए.
ऋषिकेश में गुंडागर्दी से कब्जा किया आश्रम
आसाराम हरिद्वार में भले ही आश्रम के अवैध कब्जे के मामले में फंसे हुए हों पर ऋषिकेश में तो आसाराम पर आरोप है कि उन्होंने गुंडागर्दी के बल पर एक संत के आश्रम पर ही अवैध रूप से कब्जा कर लिया. बलपूर्वक कब्जा करने के आरोपों को लेकर ऋषिकेश के हनुमान वाटिका में स्थित आसाराम का आश्रम भी विवाद में है. आरोप है की आसाराम ने गुंडों के सहारे एक आश्रम पर कब्जा कर लिया और अब तक आसाराम की ऊंची पहुंच के चलते उसके खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई थी.
इस संबंध में जब पुलिस में रिपोर्ट कराई गयी तो वहां भी आसाराम के आगे आश्रम के वास्तविक संचालक मंहत हरिसेवक दास की एक ना चली. आरोप है आसाराम के गुंडों ने करीब 5 साल पहले हरिसेवक के गुरु त्यागी लक्ष्मण दास की मूर्ती तोड़कर गंगा में बहा दी. आरोप है कि आश्रम के ही एक मंहत लक्ष्मण दास की जहर देकर हत्या कर दी गयी. 2007 में आश्रम पर आसाराम के गुंडों ने उत्तर प्रदेश के पुलिसवालों के साथ मिलकर जबरन कब्जा कर लिया. आश्रम में जमकर इन लोगों ने लूटपाट की और आश्रम के दस्तावेज जला दिए.
ऋषिकेश के पीड़ित संत हरिसेवक दास कहते हैं आश्रम हमारा है. हमारे दादा गुरू जी की मूर्ति वहां पर थी इसको उन्होने तोड़ा. आसाराम का यहां कोई अधिकार नही है. आश्रम त्यागी लक्ष्मण दास जी का है.