उत्तराखंड निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सुनामी ने सभी दलों का सूपड़ा साफ कर दिया है. बीजेपी ने उत्तराखंड की 11 नगर निगमों में से 10 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है. देहरादून नगर निगम सीट पर बीजेपी प्रत्याशी सौरभ थपलियाल ने एक लाख से ज्यादा वोटों के मार्जिन से कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल को आसानी से हरा दिया.
ऋषिकेश नगर निगम से बीजेपी के शंभू पासवान, हरिद्वार से बीजेपी के किरन जयसवाल, रुद्रपुर से बीजेपी की अनिता देवी अग्रवाल, कोटद्वार से बीजेपी के शैलेंद्र रावत, हल्द्वानी से बीजेपी के गिरिराज सिंह बिष्ट, काशीपुर से बीजेपी के दीपक बाली, अल्मोड़ा से बीजेपी के अजय वर्मा, पिथौरागढ़ से बीजेपी की कल्पना देवलाल ने जीत हासिल की है. जबकि एक मात्र सीट श्रीनगर पर निर्दलीय प्रत्याशी आरती भंडारी ने जीत दर्ज की है.
निकायों में कांग्रेस और निर्दलीयों ने दी कड़ी टक्कर
89 अन्य निकायों, जिनमें नगर पालिका और नगर पंचायत शामिल हैं. इनमें से भाजपा ने 30 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस ने 27 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 28 सीटों पर दर्ज की है. वहीं, बसपा ने भी 2 सीटों पर जीत हासिल की है.
वार्डों में निर्दलीयों का बोलबाला
कुल 100 निकायों के 1282 वार्डों में से सबसे ज्यादा 606 वार्ड निर्दलीयों ने जीते हैं. भाजपा ने 346 और कांग्रेस ने 134 वार्डों पर कब्जा किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा चंपावत में सभी निकायों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है. इनमें 3 नगर पालिका और 1 नगर पंचायत शामिल हैं.
यहां हुई कांग्रेस की बड़ी जीत
नगर निगमों को छोड़ दें तो कांग्रेस की सबसे बड़ी जीत चमोली में हुई है, जहां उसने 6 निकायों में कब्जा किया। इसके बाद किसी जिले में जबसे ज्यादा सीट पर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में कांग्रेस ने 3-3 निकायों पर जीत हासिल की. अल्मोड़ा की रानीखेत नगर पालिका में तो भाजपा की जमानत तक जब्त हो गई. यहां से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के भतीजे अरुण रावत ने कांग्रेस के टिकट पर बड़ी जीत हासिल की है.
वहीं, पौड़ी क्षेत्र में दो नगर निगम हैं. श्रीनगर और कोटद्वार, जिसमे श्रीनगर नगर निगम पर निर्दलय आरती भंडारी ने जीत हासिल की है, बाकी 4 निकायों पर निर्दलीय और कांग्रेस ने जीत हासिल की है.
बता दें कि उत्तराखंड में कुल 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान 23 जनवरी को हुआ, जिसमें 11 नगर निगम, 43 नगर परिषद और 46 नगर पंचायतें शामिल थी. 5405 उम्मीदवारों ने चुनाव में भाग लिया. 11 महापौर पदों के लिए कुल 72 उम्मीदवार, नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए 445 और नगर निगम पार्षद पदों के लिए 4888 उम्मीदवार मैदान में थे.
राज्य के चुनाव आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में 30,29, 000 मतदाता हैं. मतदान के लिए 1,515 मतदान केंद्रों और 3,394 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए 25,800 सुरक्षाकर्मी और 16,284 मतदान कर्मी तैनात किए गए थे.