उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना को पांच दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है. तपोवन टनल से लेकर रैणी गांव तक... करीब 170 से अधिक से लोग लापता हैं. इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी इंडो-तिब्बतन बॉर्डर फोर्स (आईटीबीपी) ने एक हवाई सर्वे किया है.
आईटीबीपी के एरियल व्यू में साफ हुआ कि ग्लेशियर टूटने के बाद ऊंचाई में पहाड़ों में कई जगह भारी जल जमाव हुआ है. आईटीबीपी ने राज्य के डिजास्टर डिपार्टमेंट के साथ पूरा वीडियो और फ़ोटो शेयर किया. ऊंचाई के इलाकों में इस जल जमाव से ख़तरा हो सकता है. आईटीबीपी ने आधिकारिक तौर पर कई एजेंसियों को खतरे के ये वीडियो और फ़ोटो शेयर किए है.
Visuals of air recce led by team of ITBP officials conducted by a Helicopter today to take the stock of probable site/ areas from where glacial burst was reported that had caused flash floods in Rishi and Dhauli Ganga on 7 February, 2021.#Himveers pic.twitter.com/uKNz0Fv6nH
— ITBP (@ITBP_official) February 10, 2021
गौरतलब है कि चमोली जिले के तपोवन टनल में करीब 35 मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का आज पांचवां दिन है, लेकिन रेस्क्यू टीम अभी भी सुरंग में फंसे हुए लोगों से साठ मीटर दूर है. सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए नए प्लान पर काम किया जा रहा है, जिसके तहत ड्रिलिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
तपोवन टनल में फंसे 35 लोगों को निकालने का काम जारी, अपनों के इंतज़ार में लोग। @manjeetnegilive#Uttarakhand #Chamoli pic.twitter.com/a7WRaVjNOI
— AajTak (@aajtak) February 11, 2021
वहीं, रैणी गांव से श्रीनगर तक लापता लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इस ऑपरेशन में उत्तराखंड पुलिस के साथ एसडीआरएफ की 8 टीमें लगी हुई हैं. ड्रोन, मोटरवोट के साथ ही डॉग स्क्वायड की मदद से ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अलकनंदा के तटों पर बायनाकुलर से भी सर्च अभियान जारी है.