उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को घोषणा की कि केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवाएं बुधवार से फिर से शुरू होंगी और तीर्थयात्रियों को किराए में 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
धामी ने मंगलवार को रुद्रप्रयाग में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर बारिश से प्रभावित केदारनाथ यात्रा मार्ग पर राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की.
मुख्यमंत्री ने कहा, "नुकसान बड़े पैमाने पर हुआ है. भूस्खलन के कारण 29 स्थानों पर मार्ग टूट गया है. दूरसंचार लाइन बाधित होने के अलावा पानी और बिजली आपूर्ति लाइनें भी प्रभावित हुई हैं. तीर्थयात्रियों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाना चाहिए और नए हेलीपैड भी बनाए जाने चाहिए. लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुजारी समुदाय और जन प्रतिनिधियों द्वारा किए गए सामूहिक प्रयासों ने बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में मदद की.
यात्रियों को मिलेगी छूट
धामी ने यह भी कहा कि बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि हिमालयी मंदिर के रास्ते में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत करके यात्रा कैसे फिर से शुरू की जाए. हालांकि, केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुधवार से शुरू हो रही है जो तीर्थ यात्री हेलीकॉप्टर से मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, उन्हें टिकट पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
'छठे दिनों भी जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन'
भारी बारिश और भूस्खलन के बाद केदारघाटी में फंसे तीर्थयात्रियों को रेस्क्यू किए जाने का काम छठे दिन भी जारी है. रेस्क्यू टीम ने मंगलवार को करीब 150 स्थानीय लोगों को केदारनाथ से भीमबील एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की देखरेख में रवाना किया गया है. साथ ही टीम जंगलचट्टी से भी 161 लोगों को एनडीआरएफ चिरबासा लेकर पहुंची है. वहीं, रेस्क्यू टीम ने सोमवार को केदारनाथ पैदल मार्ग में फंसे 1400 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया.
'11 हजार से ज्यादा लोगों को किया गया रेस्क्यू'
अधिकारी के अनुसार, पिछले गुरुवार को शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अब तक 11 हजार 775 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. अब केदारनाथ में अपनी मर्जी से रुकने वाले लगभग 50 तीर्थयात्रियों के अलावा मंदिर के पुजारी, दुकानदार, घोड़े और पालकी चलाने वाले ही लोग बचे हैं.