इस वर्ष चारधाम यात्रा की व्यवस्था शुरू होने के साथ की डगमगा गई. जब यमुनोत्री से लंबे लंबे जाम की तस्वीरें सामन आईं तो चर्चा का विषय बन गया और धामी सरकार के पसीने छूट गए. पर्यटन विभाग सवालों के घेरे में है, पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे भी इस पूरे घटनाक्रम से नदारद हैं. वहीं यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड जीरो पर जाकर खुद चारधाम की कमान संभाल ली है.
सीएम धामी यमुनोत्री धाम के अहम पड़ाव बड़कोट पहुंचे. हेलिकॉप्टर से बड़कोट पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से पुष्कर सिंह धामी करीब 20 किलोमीटर दूर पाली गाड़ पहुंचे और वहां पर तीर्थ यात्रियों से मुलाकात की. धामी को अपने बीच पाकर तीर्थ यात्री खुशी से झूम उठे. इस दौरान धामी ने भी यात्रियों की बस में चढ़कर उनका हाल जाना. पाली गाड़ बैरियर के पास मुख्यमंत्री एक बस में चढ़े और यात्रियों से हाल चाल जानकर उनके साथ फोटोज भी खिंचवाई.
चारधाम को लेकर मुख्यमंन्त्री पुष्कर धामी ने की 7 बैठकें की थीं-
-4 May को देहरादून में वनाग्नि, चारधाम को लेकर की समीक्षा बैठक
-8 May को सीएम धामी ने रुद्रप्रयाग में की समीक्षा बैठक
-11 May वर्चुअल मीटिंग की, 13 मई को वीसी के माध्यम से बैठक की
-14 मई को वीसी के माध्यम से बैठक की, 16 मई को देहरादून में बैठक की
-17 मई को देहरादून में बैठक
पिछले पहुंचे थे इतने श्रद्धालु
2023 में गंगोत्री यमुनोत्री के कपाट 22 अप्रैल को खुले थे. वहीं केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल, बद्रीनाथ के 27 अप्रैल को खुले थे. चारधाम यात्रा के कपाट खुलने से 04/04/23 तक 3 लाख 52 हजार 87 तीर्थ यात्रियों द्वारा चारों धाम के दर्शन कर चुके हैं, जिसमें यमुनोत्री में 71 हजार 846, गंगोत्री में 82 हजार 708, केदारनाथ में 1 लाख 22 हजार 996 तथा बद्रीनाथ धाम में 74 हजार 546 तीर्थ यात्रियों द्वारा दर्शन किए गए हैं. संख्या को लेकर पिछले साल विरोध भी हुआ था.
इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में बड़ा इजाफा
इस साल की बात करें तो केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 10 मई को खुले, वहीं 12 मई को बद्रीनाथ के कपाट खुले और महज़ 7 दिन में ही अब तक 4 लाख 10 यात्री चारधाम के दर्शन कर चुके हैं. इस साल केदारनाथ में अब तक एक लाख 83 हज़ार यात्री दर्शन कर चुके हैं. बद्रीनाथ में अब तक 12231 लोग यात्रा कर चुके हैं. यमुनोत्री में अब तक 83000 से यात्री दर्शन कर चुके हैं. गंगोत्री में 73000 से ज्यादा यात्री दर्शन कर चुके हैं.
आंकड़ों पर गौर करें तो 2023 के मुकाबले 2024 में 60 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने चारधाम के दर्शन किए हैं. इस समय सबसे बड़ी चुनौती यात्रा रूट को व्यवस्थित करना है, जिसमें ट्रैफिक और यात्रियों की दर्शन की व्यवस्था शामिल है. अब तक 11 मौतें सरकार न बताई हैं, जिसके बाद स्वास्थ की जांच भी एक बड़ी चुनौती है.