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देहरादून में जूनियर डॉक्टर सुसाइड मामले में HOD समेत तीन पर FIR, प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

उत्तराखंड के देहरादून में पांच दिन पहले एक जूनियर डॉक्टर की आत्महत्या मामले में एचओडी समेत तीन सीनियर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मृतक के परिजन और बैचमेट ने प्रताड़ित कने और परीक्षा में पास करने के लिए पैसा मांगने का आरोप लगाते हुए थाना में में मामला दर्ज कराया है.

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देहरादून में मेडिकल छात्र ने की आत्महत्या
देहरादून में मेडिकल छात्र ने की आत्महत्या

देहरादून में जूनियर डॉक्टर दिवेश गर्ग की आत्महत्या मामले में एचओडी पेडयाट्रिक डॉ. उत्कर्ष शर्मा, प्रोफेसर आशीष सेठी और बिंदू अग्रवाल के खिलाफ पटेल नगर थाना में मामला दर्ज कराया गया है. डॉ. गर्ग श्री गुरु राम राय इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंस देहरादून का फर्स्ट इयर का छात्र था. दिवेश ने 17 मई को आत्महत्या कर ली थी. उसके परिवार वाले और दोस्तों ने सीनियर डॉक्टरों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

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बता दें कि आत्महत्या की घटना के बाद सभी पीजी डॉक्टरों में आक्रोश था. यही कारण है डॉक्टरों ने हॉस्पिटल में विरोध प्रदर्शन के साथ ही मरीजों का इलाज व अन्य काम भी रोक दिये थे. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने आंदोलन चलाया. कई सारे स्वास्थ्य एक्टिविस्ट और संगठनों ने दिवेश को न्याय दिलाने की मांग की. यहां तक कि महंत इंद्रेश हॉस्पिटल के एडमिनिस्ट्रेशन ने उत्तराखंड डीजीपी अभिनव कुमार को चिट्ठी लिखकर सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

कॉलेज ने दी सफाई
श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट के मैनेजमेंट ने इस मामले में रिलीज जारी किया है. इसमें लिखा है कि उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पत्र लिखा है. कॉलेज ने पुलिस को जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है, ताकि हर पहलू की जांच के बाद सच्चाई से पर्दा उठ सके. साथ ही डॉ दिवेश गर्ग के फोन कॉल, व्हाट्स एप चैट और सोशल मीडिया हैंडल के जांच की भी बात कही है. साथ ही कॉलेज ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन भी किया है. 

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बातचीत के बाद काम पर लौटे पीजी डॉक्टर
कॉलेज के पीजी डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद सभी बुधवार से काम पर लौट आए हैं. जब एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के प्रशासन से पैसे की मांग और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप की बाबत बात करने की कोशिश की गई तो पदाधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया. 

पिता ने क्या लगाया आरोप
वहीं दिवेश के पिता रमेश गर्ग का आरोप है कि उनके बेटे ने अक्टूबर 2023 में कॉलेज में दाखिला लिया था. इसके बाद से ही एचओडी उत्कर्ष शर्मा, प्रो. आशीष सेठी और बिंदू अग्रवाल के साथ कॉलेज मैनेजमेंट उनके बेटे को प्रताड़ित कर रहा था. जिस वजह से उसने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया. मेरे बेटे से 104 डिग्री फीवर में भी काम कराया जाता था. उससे 36 घंटे तक शिफ्ट में काम कराया जाता था. मेरे बेटे ने बताया था कि उत्कर्ष शर्मा ने दो बार उसके थिसिस को रिजेक्ट कर दिया था और पास करने के एवज में पांच लाख रुपये मांगे थे. 17 मई को मेरे बेटे ने फोन कर मुझे कहा था कि मुझे यहां से निकालो या फिर मैं आत्महत्या कर लूंगा.

रमेश गर्ग ने बताया कि मुझे 17 मई की रात एक नंबर से कॉल आया, उसने खुद को उत्कर्ष शर्मा बताया और कहा कि उनका बेटा इमरजेंसी में भर्ती है. इसके बाद फिर रात 10.40 में एक कॉल आया और कहा गया कि आपके बेटे का शव मोर्चरी में है. पिता का आरोप है कि एक साजिश के तहत मेरे बेटे को हत्या करने पर मजबूर किया गया है. इसके अलावा दिवेश के चाचा और भाई ने भी कॉलेज प्रशासन पर आरोप लगाया है. 

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इस मामले में देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम से मौत के कारणों का सटीक पता नहीं चल पाया है. बिसरा को आगे की जांच के लिए भेजा गया है. हमने छात्रों, फैकेल्टी और परिवार वालों  के बयान को रिकॉर्ड कर लिया है. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मौत सुसाइड से हुई थी या फिर इसकी और कोई वजह थी. 

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