scorecardresearch
 

Haridwar: देवघर की घटना के बाद मां मनसा देवी उड़न खटोले का फैक्ट चैक, श्रद्धालुओं में कोई डर नहीं

झारखंड के सबसे ऊंचे रोपवे में रविवार शाम को एक बड़ी दुर्घटना हो गई. इस घटना में, 10 केबल कार में फंसे 35 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इसके बाद हरिद्वार मनसा देवी रोपवे का फैक्ट चेक किया गया, जिसमें पाया गया कि देवधर की घटना का हरिद्वार के तीर्थ यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है.

Advertisement
X
मां मनसा देवी रोपवे
मां मनसा देवी रोपवे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देवधर की घटना का हरिद्वार के तीर्थ यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
  • समय-समय पर सुरक्षा मानकों की जांच होती है

देवघर में रोपवे हादसे के बाद, हरिद्वार मनसा देवी रोपवे का फैक्ट चेक किया गया, जिसमें पाया गया कि देवधर की घटना का हरिद्वार के तीर्थ यात्रियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. मां मनसा देवी जाने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में लाइन में लगकर रोपवे से, मां मनसा देवी के दर्शन करने के लिए जा रहे हैं. इन श्रद्धालुओं में मां के प्रति अपार श्रद्धा है. वह मानते हैं कि देवघर की घटना से उनके मन में किसी तरह का कोई डर नहीं है. श्रद्धालु कहते हैं- 'जब मां ने बुलाया है, तो डर किस बात का, जो होगा मां देखेंगी. अगर मौत यहां आती है, तो ज्यादा अच्छा है.'

Advertisement

वहीं, मां मनसा देवी वर्मा चंडी देवी रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी ऊषा ब्रीको लिमिटेड के जीएम मनोज डोवाल का कहना है कि उनके द्वारा 42 साल से रोपवे का संचालन किया जा रहा है. रोपवे के संचालन के लिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है. साथ ही, पूरे वर्ष सुरक्षा चेक और प्रतिदिन संचालन से पहले दो घंटे सुरक्षा प्रबंधों को चेक किया जाता है.

हर दिन तीन घंटे और शाम को ईएमएस एक्टिविटी होती है. यहां वीकली और मंथली चेक होते हैं. साल में एक बार, दस दिनों के लिए शटडाउन किया जाता है. देश में 9 रोपवे संचालित कर रहे हैं. सबसे पहले प्राथमिकता सुरक्षा है. यहां पर मनसा देवी रोपवे में 26 केबिन ऑपरेट किए जा रहे हैं, जबकि चंडी देवी रोपवे में 42 केविन ऑपरेट किये जाते हैं.

Advertisement

ऊषा ब्रीको लिमिटेड के जीएम मनोज डोवाल ने कहा कि देवघर की घटना से यहां कोई डर नहीं है. मां मनसा देवी रोपवे पर 2010 में एक छोटी घटना हुई थी, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं हुई. रोपवे के लाइसेंस को लेकर उनका कहना है कि चीफ रोपवे इंस्पेक्टर विटकुल रोपवे की हर साल जांच करते हैं, फिर उनका लाइसेंस रिन्यू होता है. हम लोग सभी एनओसी प्रशासन से लेते हैं.

वहीं, मेरठ, मुंबई से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके मन में कोई डर नहीं है. माता के दर पर जा रहे हैं. जो होगा विश्वास है कि मां देखेगी और संभालेगी. उनका कहना है कि देवघर की घटना के बावजूद भी कोई डर नहीं है. हमारा देवी पर भरोसा है. मां मनसा देवी रखवाली करेगी यह उन्हें पूरा विश्वास है. कई श्रद्धालुओं ने कहा, ' हमारे मन में कोई डर नहीं है, जब मरना है तो मरेंगे. यहां मरे तो ज्यादा अच्छा होगा, मां के दरबार में मरेंगे.'

Advertisement
Advertisement