हरिद्वार में मंगलवार को कांगड़ा घाट के बड़े पुल के नीचे एक कांवड़िया गंगा में नहाते समय बहने लगा. कांवड़िया को डूबता देख गोताखोर विक्रांत, सन्नी कुमार और एसडीआरएफ के आशिफ अली ने गंगा में छलांग लगा दी. बह रहे कांवड़िया का पीछा करते हुए उसको सकुशल गंगा से निकाल लिया.
जिस कावड़िया को जल पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों ने बचाया उसका नाम संदीप पुत्र जयराम है. वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रुद्रपुर गांव का रहने वाला है. संदीप गंगा में नहाने के दौरान तेज प्रवाह में बहने लगा था. समय रहते गोताखोरों ने उसे बचा लिया. अन्यथा उसका बच पाना मुश्किल था.
कावड़ मेले में बड़ी संख्या में कावड़िये देश भर से हरिद्वार गंगा जल लेने के लिए आ रहे हैं. कावड़ उठाने से पहले कावड़िये गंगा में स्नान कर गंगाजल भरते हैं. गंगा में स्नान करने के दौरान कई बार कावड़िये गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने से डूबने लगते हैं. इनको बचाने में घाटों पर तैनात जल पुलिस और एसडीआरएफ के गोताखोर देवदूत बनकर सामने आ रहे हैं.
मंगलवार को भी कांगड़ा घाट के बड़े पुल के नीचे एक कांवड़िया गंगा में नहाते समय बहने लगा और गंगा में डूबने लगा. इसके बाद वहां मौजूद गोताखोरों और एसडीआरएफ के जवानों ने बिना समय गंवाए उसे बचाने नदीं में कूद गए. काफी मुश्किल से गंगा के तेज बहाव के बीच से कांवड़िये को रेस्क्यू किया गया.