उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरुवार को अवैध मदरसा और मस्जिद को हटाए जाने को लेकर भारी बवाल हुआ और उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया. बनभूलपुरा इलाके में अवैध निर्माण को हटाने पहुंची टीम पर पहले पत्थरबाजी हुई और उसके बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज करने के बाद उपद्रवी और उग्र हो गए.
गुस्साई भीड़ ने कई जगह आगजनी कर दी और दर्जनों गाड़ियों को फूंक दिया. इस हिंसा में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
हल्द्वानी में कर्फ्यू, बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला मजिस्ट्रेट वंदना सिंह ने पूरे इलाके में धारा-144 लागू कर दी है. हल्द्वानी शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है जो अगले आदेश तक जारी रहेगा. इस वजह से शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. इसके अलावा पुलिस ने और भी कई कड़े कदम उठाए हैं.
किसी भी व्यक्ति को अत्यावश्यक कार्यों (मेडिकल जरूरत को छोड़कर) के अलावा घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं है. जिले में सभी व्यावसायिक संस्थान, दुकानें, स्कूल-कॉलेज, उद्योग इत्यादि पूरी तरह बंद रहेंगे. सिर्फ अस्पताल और दवाई की दुकानें खुली रहेंगी. जिले में इंटरनेट को बंद कर दिया गया है ताकि असामाजिक तत्व उसके जरिए अफवाह ना फैला पाएं.
बिना अनुमति नहीं कर सकेंगे यात्रा
हालांकि यह आदेश शासकीय सेवक, पुलिसकर्मी, सशस्त्र बल पर लागू नहीं होगा. अत्यावश्यक कार्यों के लिए नगर मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी की अनुमति से ही यात्रा की अनुमति होगी. इस आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के अन्तर्गत कार्रवाई की जाएगी.
उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी: सीएम
हलद्वानी में हिंसा के बाद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धानी ने एक इमजरेंसी बैठक बुलाई. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी बैठक के बाद धामी ने कहा, 'प्रशासन की एक टीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने के लिए बनभूलपुरा क्षेत्र में गई थी.'
उन्होंने कहा, 'अराजक तत्वों ने पुलिस के साथ झड़प की और आगजनी की. कर्फ्यू लगा दिया गया है और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां लगाई गई हैं. व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को हल्द्वानी भेजा जा रहा है.' सीएम ने, 'सभी को शांति बनाए रखने के लिए कहा है, आगजनी करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.'