नए साल का जश्न मनाने के लिए उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाला चोपता पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है. हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद नववर्ष मनाने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. देश-विदेश से आए पर्यटक यहां के बर्फीले मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य का भरपूर आनंद ले रहे हैं.
चोपता और दुगलबिट्टा इलाके में जमी बर्फ और फिसलन भरी सड़कों के कारण पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग प्रहलाद कोंडे ने बताया कि चोपता तक पहुंचने के लिए शटल सेवा शुरू की गई है. बाहरी वाहनों को दुगलबिट्टा और बनियाकुण्ड में सुरक्षित पार्किंग में रोका जा रहा है. इसके बाद पर्यटकों को जंजीर (चैन) लगे स्थानीय वाहनों से चोपता भेजा जा रहा है.
नया साल मनाने चोपता पहुंचे पर्यटक
पिछले दो दिनों में चोपता में करीब तीन हजार पर्यटक पहुंच चुके हैं. पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को जगह-जगह तैनात किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके. वाहन चेकिंग लगातार जारी है और पर्यटकों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है.
स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिले
पर्यटकों की भीड़ से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं. चोपता को पक्षियों का स्वर्ग भी कहा जाता है और यहां 240 से अधिक प्रजातियों के पक्षी देखे जाते हैं. ऐसे में पक्षी प्रेमी भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं. चारों तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है. चमोली जिले में 65 गांव बर्फबारी से ढंक गए हैं.